यूपी सरकार ग्रामीण युवाओं को देगी 10 लाख रुपये तक का लोन और सब्सिडी, जानें पूरी जानकारी

Yuva Gramodhyog Yojana: उत्तर प्रदेश के गाँवों में रहने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है! अगर आप अपने गाँव में रहकर कुछ नया करना चाहते हैं और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, तो मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना आपके लिए एक बड़ा अवसर लाई है। इस योजना में आपको अपना धंधा शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा, वो भी ब्याज में छूट के साथ। इतना ही नहीं, सरकार आपको काम शुरू करने के लिए मुफ्त ट्रेनिंग भी देगी। यह योजना गाँव की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करेगी और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी। आइए, देसी अंदाज़ में इस योजना को समझें।

गाँव में रोजगार, शहर की ओर पलायन नहीं

उत्तर प्रदेश सरकार का मकसद है कि गाँव के नौजवान शहरों की ओर न भागें, बल्कि अपने गाँव में ही रोजगार शुरू करें। इस योजना के तहत आप खादी, हस्तशिल्प, हथकरघा, या कृषि से जुड़ा कोई छोटा-मोटा धंधा शुरू कर सकते हैं। सरकार आपको 10 लाख रुपये तक का लोन देगी, जिस पर ब्याज में भारी छूट मिलेगी। खास बात यह है कि अगर आप अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, या पिछड़े वर्ग से हैं, तो आपको और ज़्यादा छूट मिलेगी। इससे न सिर्फ़ आपकी कमाई बढ़ेगी, बल्कि गाँव में रोज़गार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

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लोन के साथ ट्रेनिंग का तोहफा

इस योजना की सबसे खास बात है कि यह सिर्फ़ पैसे देने तक सीमित नहीं है। सरकार आपको धंधा चलाने की ट्रेनिंग भी देगी, ताकि आप अपने कारोबार को सफल बना सकें। मान लीजिए, आप खादी का काम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन आपको मशीन चलाने या बाज़ार में बेचने की जानकारी नहीं है। सरकार की ट्रेनिंग आपको ये सब सिखाएगी। यह ट्रेनिंग मुफ्त होगी, और इसका मकसद है कि गाँव का हर नौजवान न सिर्फ़ काम शुरू करे, बल्कि उसे लंबे समय तक चला भी सके।

कौन उठा सकता है फायदा

यह योजना उत्तर प्रदेश के उन सभी नौजवानों के लिए है, जो 18 से 45 साल की उम्र के हैं और गाँव में रहते हैं। अगर आप अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, या अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं, तो आपको 50 परसेंट आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, अगर आप अपने गाँव में उपलब्ध चीज़ों, जैसे मिट्टी, कपास, या बाँस, से कोई धंधा शुरू करना चाहते हैं, तो आपको प्राथमिकता दी जाएगी। मसलन, अगर आपके गाँव में मिट्टी आसानी से मिलती है, तो आप मिट्टी के बर्तन बनाने का काम शुरू कर सकते हैं। यह योजना गाँव की ज़रूरतों को पूरा करने वाले धंधों को बढ़ावा देगी।

किन धंधों के लिए मिलेगा लोन

इस योजना में खेती से जुड़े छोटे उद्योग, जैसे मधुमक्खी पालन, मशरूम की खेती, या दूध से प्रोडक्ट बनाने का काम शामिल है। इसके अलावा, खादी, हस्तशिल्प, और हथकरघा जैसे पारंपरिक काम भी इस योजना का हिस्सा हैं। अगर आप गाँव में रहकर कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जो स्थानीय लोगों की ज़रूरत पूरी करे, तो यह योजना आपके लिए है। मसलन, आप खादी के कपड़े बनाने या बाँस की टोकरी बनाने का काम शुरू कर सकते हैं। सरकार का मकसद है कि गाँव में ही ऐसे धंधे शुरू हों, जो नौजवानों को रोज़गार दें और गाँव को मज़बूत करें।

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आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • ग्राम प्रधान/ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
  • तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र
  • सत्यापन प्रमाण पत्र
  • पैन कार्ड

घर बैठे करें आवेदन

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:

  1. सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट (mmgrykhadi.upsdc.gov.in) पर जाएं।
  2. वेबसाइट पर उपलब्ध आवेदन फॉर्म को डाउनलोड करें।
  3. फॉर्म में आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पिता/पति का नाम, व्यवसाय, पता, कार्यस्थल का पता, आयु, योग्यता, पारिवारिक सालाना आय आदि भरें।
  4. सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म को सबमिट करें।
  5. आवेदन जमा करने के बाद जिले में तैनात नोडल अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आवेदन की जांच जिले के नोडल अधिकारी द्वारा की जाएगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। यदि किसी आवेदक को अधिक जानकारी चाहिए तो वह अपने जिले के ग्रामोद्योग अधिकारी से संपर्क कर सकता है। यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का सुनहरा अवसर है। यदि सही तरीके से इस योजना का लाभ लिया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

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  • Shashikant

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