भारतीय कपास निगम (CCI) ने कपास किसानों की जिंदगी आसान करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने ‘कपास किसान’ नामक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए किसान अब समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। यह सुविधा 1 सितंबर 2025 से शुरू हो रही है, और किसानों को बार-बार खरीद केंद्रों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस ऐप में स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी है, जिससे खरीद केंद्रों पर भीड़ कम होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। इस कदम से देशभर के कपास किसानों को MSP का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर तब जब इस साल कपास की बुवाई में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
‘कपास किसान’ ऐप की खासियत
CCI का यह नया मोबाइल ऐप किसानों को डिजिटल तौर पर सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, और इसके जरिए किसान स्व-आधारित पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण के लिए किसानों को अपने आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज और कपास की बुवाई के क्षेत्र का विवरण अपलोड करना होगा। यह जानकारी राज्य सरकार के अधिकृत अधिकारियों द्वारा ऐप के जरिए ही सत्यापित की जाएगी। ऐप की एक खास सुविधा स्लॉट बुकिंग है, जिसके तहत किसान सात दिन के रोलिंग आधार पर अपनी सुविधानुसार तारीख चुनकर फसल बेचने के लिए केंद्र पर जा सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि केंद्रों पर अव्यवस्था भी कम होगी।
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कपास की बुवाई और MSP में बढ़ोतरी
इस साल देशभर में कपास की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। हरियाणा के हनुमानगढ़ जिले में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 61,000 हेक्टेयर अधिक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अक्टूबर 2025 से कपास मंडियों में पहुंचना शुरू होगा, और समय पर खरीद शुरू होने से किसानों को MSP का पूरा लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार ने इस साल कपास के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। मध्यम स्टेपल कपास का MSP 7,710 रुपये प्रति क्विंटल और लंबी स्टेपल कपास का MSP 8,110 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 589 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। यह बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत की खबर है, और CCI का नया ऐप इस लाभ को सीधे उनके पास पहुंचाने में मदद करेगा।
खरीद केंद्र और जागरूकता अभियान
CCI ने कपास खरीद के लिए देशभर में कई केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। हरियाणा के हनुमानगढ़ जिले में नौ मंडियों हनुमानगढ़ टाउन, जंक्शन, गोलूवाला, पीलीबंगा, रावतसर, भादरा, नोहर, टिब्बी और संगरिया में खरीद की संभावना है। इन केंद्रों के सचिवों को किसानों को ऐप के जरिए पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक X पोस्ट में कहा कि सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है, और डिजिटल पहल जैसे ‘कपास किसान’ ऐप से उनकी आय बढ़ाने का लक्ष्य है। यह ऐप न केवल पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाएगा।
किसानों के लिए नया युग
कपास किसानों के लिए यह ऐप एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। पहले मैन्युअल पंजीकरण की प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों लगते थे, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यह काम कुछ मिनटों में हो सकेगा। किसान तक की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कपास का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिसका श्रेय समय पर हुई मॉनसून बारिश को जाता है।
इस बढ़ते उत्पादन को देखते हुए CCI का यह कदम किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है। किसानों से अपील की जा रही है कि वे 1 सितंबर से पहले ऐप डाउनलोड कर लें और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें, ताकि वे MSP का लाभ आसानी से उठा सकें।
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