अगर आप खेती के साथ कोई नया उद्यम शुरू करना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश सरकार ने आपके लिए शानदार अवसर लाया है। अब मोती पालन (पर्ल फार्मिंग) पर बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हो गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन के तालाब में इसकी शुरुआत की और सीपों की सर्जरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।
यह वैज्ञानिक तरीके से मोती उत्पादन करने की योजना है, जिसमें सरकार सब्सिडी, ट्रेनिंग और मार्केटिंग की सुविधा दे रही है। मोती एक प्राकृतिक रत्न है, जिसकी देश-विदेश में हमेशा मांग रहती है। उत्पादन कम होने से दाम अच्छे मिलते हैं, और यह टिकाऊ उद्यम है जो रोजगार भी पैदा करेगा।
यूपी सरकार का यह पर्ल फार्मिंग प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस करता है। केंद्र की प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के साथ मिलकर सब्सिडी दी जा रही है। मणि एग्रो हब जैसी कंपनियां तकनीकी मदद कर रही हैं।
सब्सिडी और लागत कितनी?
प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 12 लाख रुपये तक आती है, लेकिन सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। मत्स्य सम्पदा योजना के तहत भी 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। यानी आपका खर्च आधा हो जाएगा। छोटे तालाब या पोखर में शुरू करें तो और कम लागत में काम चल सकता है।
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कमाई का अनुमान कितना?
एक उदाहरण देखें – 2000 वर्ग फीट के तालाब में 10,000 सीपें डालें तो 18 महीनों में औसतन 8.5 लाख रुपये की शुद्ध कमाई हो सकती है। मोती की क्वालिटी अच्छी रही तो और ज्यादा मुनाफा। फसल एक बार लगाई तो लंबे समय तक चलती है, और मार्केटिंग की सुविधा सरकार दे रही है।
कौन शुरू कर सकता है और कैसे?
यह योजना किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए खुली है। अगर आपके पास तालाब या पोखर है तो बेस्ट, वरना छोटा सा बनवा लें। वैज्ञानिक तरीके से सीप पालन करें – सीपों में न्यूक्लियस डालकर सर्जरी की जाती है, फिर मोती बनता है। सरकार तकनीकी ट्रेनिंग देगी। आवेदन के लिए नजदीकी मत्स्य विभाग या कृषि केंद्र से संपर्क करें। मत्स्य सम्पदा योजना का फॉर्म भरें, दस्तावेज जैसे आधार, खाता और जमीन के कागज जमा करें।प्रोजेक्ट राजभवन से शुरू हुआ है, और पूरे यूपी में फैलाया जा रहा है। बलिया जैसे जिलों में किसान पहले से सफल उद्यम चला रहे हैं।
किसान भाइयों, मोती पालन कम मेहनत में ज्यादा कमाई वाला काम है। पानी की उपलब्धता है तो जरूर ट्राई करें। सब्सिडी का फायदा उठाएं, ट्रेनिंग लें और नया बिजनेस शुरू करें। इससे आय बढ़ेगी और गांव में रोजगार भी आएगा।