यूपी की तहसीलें अब होंगी हाईटेक, घर बैठे मिलेंगी राजस्व सेवाएं, किसानों को बड़ा फायदा

उत्तर प्रदेश के गांवों और कस्बों में रहने वाले किसान भाइयों और आम लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है। योगी सरकार प्रदेश की सभी तहसीलों को फ्यूचर रेडी बनाने जा रही है। मतलब राजस्व विभाग के कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाया जाएगा। अब भूमि रजिस्ट्री, जाति-आय-निवास प्रमाणपत्र जारी करना, खाता-खतौनी और राजस्व विवादों का निपटारा जैसे काम घर बैठे ऑनलाइन हो सकेंगे। तहसील या लेखपाल के ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये बदलाव डिजिटल इंडिया अभियान को तहसील स्तर तक पहुंचाने का बड़ा कदम है।

सरकार का प्लान है कि तहसीलों को मॉडल प्रशासनिक केंद्र बनाया जाए। यहां हाई लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल होगा। राजस्व परिषद की सभी तहसीलों का सर्वे चल रहा है। इसमें मौजूदा हालात देखे जा रहे हैं, क्या सुधार चाहिए और भविष्य में क्या जरूरतें होंगी, इसका आकलन किया जा रहा है। एक पूरा फ्रेमवर्क तैयार हो रहा है, ताकि काम व्यवस्थित तरीके से हो।

डिजिटल तहसील से क्या बदलाव आएंगे

इस योजना से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और काम की रफ्तार तेज हो जाएगी। ई-फाइलिंग सिस्टम आएगा, सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन मैनेज होंगे। ब्लॉकचेन तकनीक से डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और कोई धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी। AI की मदद से आवेदनों की जांच और फैसले जल्दी होंगे। सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण लोगों को होगा, खासकर किसान भाइयों को। जमीन की रजिस्ट्री, खतौनी सुधार, विरासत दर्ज करना या कोई विवाद सुलझाना सब कुछ मोबाइल या कंप्यूटर से हो जाएगा।

पहले जहां एक छोटे काम के लिए दिन भर तहसील में धक्के खाने पड़ते थे, अब समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा, क्योंकि ई-गवर्नेंस से निवेश बढ़ेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। राजस्व विभाग के अधिकारी बता रहे हैं कि ये बदलाव भ्रष्टाचार को कम करने और आम आदमी की सुविधा बढ़ाने के लिए है।

जून 2026 तक पूरा होगा काम

सरकार ने साफ डेडलाइन तय की है – जून 2026 तक सभी तहसीलों को फ्यूचर रेडी बना दिया जाएगा। अभी सर्वे का काम जोरों पर है। हर तहसील की जरूरतों को देखकर प्लान बनाया जा रहा है। कुछ तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू हो सकते हैं, ताकि अनुभव लेकर बाकी जगह लागू किया जाए। ये योजना पूरे प्रदेश की सैकड़ों तहसीलों को कवर करेगी।

किसानों और ग्रामीणों के लिए क्यों खास है ये योजना

किसान भाइयों के लिए राजस्व सेवाएं सबसे जरूरी होती हैं। जमीन से जुड़े कागजात, लोन के लिए प्रमाणपत्र या कोई विवाद  सब में तहसील जाना पड़ता है। अब ये सब ऑनलाइन हो जाएगा तो खेत का काम प्रभावित नहीं होगा। महिलाओं, बुजुर्गों और दूर गांव वालों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। पारदर्शिता से गलतियां और देरी कम होंगी। कुल मिलाकर गांवों में प्रशासन की पहुंच आसान और भरोसेमंद बनेगी।

ये योजना साबित कर रही है कि सरकार ग्रामीण विकास को कितनी गंभीरता से ले रही है। डिजिटल तहसीलें आने से यूपी के गांव सच में स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनेंगे। किसान भाइयों, इस बदलाव का इंतजार करें और सरकारी पोर्टल्स पर नजर रखें। आने वाले समय में खेती से जुड़े कागजात भी और आसान हो जाएंगे।

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  • Shashikant

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