किसान भाइयों के लिए सर्दियों का मौसम फूलों की खेती का सुनहरा समय है। अगर जनवरी और फरवरी में सही तैयारी कर ली जाए तो अप्रैल और मई में नवरात्रि, शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों की वजह से फूलों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं और कम लागत में बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। सुल्तानपुर जैसे इलाकों में कई किसान और छोटे कारोबारी इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। फूलों की खेती से शुरुआत करने के लिए ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं पड़ती करीब 20 हजार रुपये से काम शुरू हो सकता है। खुद खेत में फूल उगाकर या किसानों से खरीदकर बाजार में बेचकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
फूलों का कारोबार साल भर चलता है, लेकिन अप्रैल-मई में पूजा-पाठ, मंदिरों की सजावट और सहालग सीजन के कारण मांग सबसे ज्यादा रहती है। सही समय पर रोपाई करने से फूल तैयार हो जाते हैं और बाजार में पहले आने वाले को सबसे अच्छे भाव मिलते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि जैविक खाद का इस्तेमाल करें और पौधों की अच्छी देखभाल करें, ताकि फूलों की क्वालिटी टॉप क्लास रहे।
इन फूलों की खेती से मिलेगा ज्यादा फायदा
जनवरी-फरवरी में गेंदा, गुलदाउदी, रजनीगंधा, गुलाब और अलमंडा जैसी फसलें लगाने से अप्रैल-मई में तैयार फूलों से शानदार कमाई हो सकती है। गेंदा सबसे लोकप्रिय है क्योंकि ये पूजा और सजावट में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। गुलदाउदी भी मांग में रहता है और लंबे समय तक ताजा रहता है। रजनीगंधा की खुशबू वाली फूलों की डिमांड हमेशा बनी रहती है। इन फसलों की खेती में शुरुआती खर्च कम होता है और अगर सही देखभाल की जाए तो तीन महीने में लाखों तक की कमाई संभव है।
उद्यान विभाग में पंजीकरण कराने से पौधों और बीजों पर अनुदान भी मिल सकता है। खेत में जैविक खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फूलों की गुणवत्ता भी बढ़ती है। कई किसान भाई पहले से ही इस खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और परिवार की आमदनी बढ़ा रहे हैं।
नर्सरी और रोपाई की तैयारी कैसे करें
फूलों की अच्छी पैदावार के लिए नर्सरी से शुरूआत करें। जनवरी में बीज बोकर या तैयार पौधे लगाकर नर्सरी बनाएं। मिट्टी को अच्छे से तैयार करें, गोबर की खाद मिलाएं और बीजों को सही दूरी पर बोएं। पौधे जब 15-20 दिन के हो जाएं तो मुख्य खेत में रोपाई करें। रोपाई के लिए 60 गुणा 45 सेंटीमीटर की दूरी रखें ताकि पौधों को हवा और धूप अच्छी मिले। सिंचाई नियमित रखें लेकिन ज्यादा पानी न दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
फूलों की देखभाल में निराई-गुड़ाई और कीट नियंत्रण जरूरी है। नीम तेल या जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल करें। समय पर फूल तोड़ने से नई कलियां जल्दी आती हैं और उत्पादन बढ़ता है। बाजार में फूलों की मांग देखकर सही समय पर बेचें।
बाजार में मांग और कमाई का अनुमान
अप्रैल-मई में नवरात्रि और शादी का सीजन होने से फूलों की डिमांड बहुत तेज रहती है। मंदिरों, घरों की सजावट और पूजा के लिए बड़े पैमाने पर फूल चाहिए होते हैं। अगर सही समय पर तैयार फसल बाजार में पहुंची तो भाव बहुत अच्छे मिलते हैं। कई किसान भाई इस मौके से लाखों रुपये कमा रहे हैं। फूलों का कारोबार कम पूंजी में शुरू करने के लिए भी बढ़िया है गांव में रहने वाले लोग भी इसमें जुड़ सकते हैं। किसान भाइयों, अगर आप भी सर्दियों में फूलों की खेती शुरू करना चाहते हैं तो जनवरी-फरवरी में तैयारी कर लें।
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