यदि कमाई करना है एक एकड़ से 5 लाख रूपये, तो कीजिए इस अगेती भिन्डी की खेती, NS 862 वैरायटी

किसान भाइयों, भिन्डी की खेती हर साल अच्छा मुनाफा देती है, लेकिन अगर अगेती बाजार में अच्छी पैदावार मिल जाए तो कमाई कई गुना बढ़ जाती है। नामधारी सीड्स कंपनी की NS 862 वैरायटी अगेती भिन्डी की खेती करने वालों के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। यह वैरायटी न सिर्फ जल्दी तैयार होती है, बल्कि फलियाँ लंबी, चिकनी, गहरे हरे रंग की और बाजार में प्रीमियम दाम पर बिकती हैं। अगर आप कम समय में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, तो NS 862 आपके लिए वरदान है।

NS 862 वैरायटी की मुख्य विशेषताएँ

नामधारी सीड्स, जो भारत की सबसे भरोसेमंद हाइब्रिड सीड कंपनियों में से एक है, ने NS 862 को विशेष रूप से अगेती और उच्च पैदावार के लिए तैयार किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि बुवाई से पहली तुड़ाई तक सिर्फ 40-45 दिन लगते हैं। मार्च-अप्रैल में बोई गई फसल जून तक बाजार में अच्छा भाव पाती है। आप जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी बुआई कर सकते हैं, फलियाँ 12-15 सेमी लंबी, पतली, गहरे हरे रंग की और चिकनी होती हैं। बाजार में यह आकर्षक दिखती है और ग्रेड-1 में बिकती है। पैदावार 120-150 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक आसानी से ली जा सकती है।

यह वैरायटी YVMV (येलो वीन मोज़ेक वायरस) और फ्यूजेरियम विल्ट जैसे रोगों के प्रति अच्छी सहनशीलता रखती है। फसल अवधि लंबी है – पहली तुड़ाई के बाद 60-70 दिन तक लगातार तुड़ाई चलती है। अगेती मौसम में यह वैरायटी 40-80 रुपये किलो तक बिकती है, जो किसानों को अच्छा मुनाफा देती है। यह वैरायटी छोटे-बड़े दोनों किसानों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि कम समय में ज्यादा कमाई होती है।

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भिन्डी की इस किस्म की खेती कैसे करें

खेती की शुरुआत में सही बीज का चयन सबसे जरूरी है। NS 862 के लिए बीज दर 8-10 किलो प्रति हेक्टेयर रखें। उत्तर भारत में मार्च-अप्रैल (अगेती) और जून-जुलाई (मुख्य सीजन) में बुवाई करें। खेत की तैयारी में गहरी जुताई करें और 15-20 टन गोबर खाद प्रति हेक्टेयर मिलाएँ। मिट्टी दोमट या बलुई दोमट होनी चाहिए। पौधे से पौधे 45 सेमी और कतार से कतार 60 सेमी की दूरी रखें। बीज 2-3 सेमी गहराई में बोएँ।

पहली सिंचाई बुवाई के 7-10 दिन बाद करें। फूल आने तक हर 7 दिन और फल आने पर हर 4-5 दिन सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई से पानी की 30-40% बचत होती है और पैदावार में बढ़ोतरी होती है। खाद प्रबंधन में बुवाई में 80 किलो नाइट्रोजन, 60 किलो फॉस्फोरस और 50 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर डालें। आधा नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग में दें।

कीट-रोग नियंत्रण के लिए YVMV से बचाव हेतु सफेद मक्खी पर नीम तेल या इमिडाक्लोप्रिड स्प्रे करें। फल छेदक कीट से बचने के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाएँ। फफूंद रोग के लिए कार्बेंडाजिम या मैंकोजेब का छिड़काव समय पर करें। कटाई 12-15 सेमी लंबी और नरम फलियों की करें। हर 2-3 दिन में तुड़ाई करें, ताकि नई फलियाँ जल्दी आएँ।

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लागत और मुनाफे का विस्तृत हिसाब

एक हेक्टेयर में कुल लागत 80,000 से 1 लाख रुपये तक आती है, जिसमें बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई शामिल है। पैदावार 120-150 क्विंटल तक होती है। अगेती बाजार में औसत भाव 20-40 रुपये किलो रहता है, लेकिन शुरुआती मौसम में 50-80 रुपये तक भी मिल जाता है। कुल आय 2.4 से 6 लाख रुपये तक हो सकती है। शुद्ध मुनाफा 1.5 से 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक रहता है। अगर आप अगेती बाजार में बेचते हैं, तो मुनाफा और भी ज्यादा हो सकता है।

नामधारी सीड्स – भरोसेमंद कंपनी, विश्वसनीय बीज

नामधारी सीड्स भारत की अग्रणी हाइब्रिड सीड कंपनियों में से एक है। यह कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले बीज, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अच्छी पैदावार वाली वैरायटीज के लिए जानी जाती है। NS 862 जैसी वैरायटी किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। बीज ऑनलाइन या कंपनी के अधिकृत डीलर से खरीदें।

NS 862 से अगेती भिन्डी की खेती करें

अगर आप अगेती बाजार में अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो नामधारी की NS 862 वैरायटी सबसे अच्छा विकल्प है। जल्दी पैदावार, लंबी फलियाँ, रोग प्रतिरोधकता और प्रीमियम दाम – यह सब एक साथ मिलता है। अभी बीज ऑर्डर करें और इस रबी-खरीफ में भिन्डी की खेती से अच्छी कमाई करें।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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