Kisan Karwan: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किसानों के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित हुआ। किसान कारवां के तहत कृषि विभाग और स्थानीय अधिकारियों ने जिले के कई गांवों में जागरूकता अभियान चलाया। सैकड़ों किसान भाइयों ने इसमें भाग लिया और नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। ये कार्यक्रम किसानों को खेती में नई दिशा देने और पैदावार बढ़ाने के लिए शुरू किए गए हैं। कई किसानों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें बहुत फायदा होता है, क्योंकि वे घर-घर जाकर सीखते हैं।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। उन्होंने किसानों को बताया कि कैसे कम लागत में ज्यादा उत्पादन लिया जा सकता है। खासकर रबी सीजन में गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों के लिए उन्नत तरीके बताए गए। किसान कारवां का मकसद ग्रामीण इलाकों तक सीधी पहुंच बनाना है, ताकि किसान भाई घर के पास ही नई जानकारी पा सकें।
कार्यक्रम में क्या-क्या हुआ और किसानों को क्या मिला
कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने उन्नत बीजों का इस्तेमाल, संतुलित खाद प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और जल संरक्षण के तरीके बताए। जैविक खेती पर जोर दिया गया, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और केमिकल का इस्तेमाल कम हो। सरकारी योजनाओं जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सब्सिडी वाली यंत्रों की जानकारी भी दी गई। कई किसानों ने बताया कि पहले उन्हें इन योजनाओं की पूरी डिटेल नहीं पता थी, अब वे आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं।
एक किसान ने कहा, “किसान कारवां से हमें पता चला कि कैसे नीम तेल और जैविक कीटनाशकों से रोगों को रोका जा सकता है। इससे खर्चा कम होगा और फसल स्वस्थ रहेगी।” दूसरे किसान ने बताया कि लो-टनल तकनीक और मल्चिंग के बारे में सीखा, जिससे अगेती सब्जियां उगाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
किसान कारवां का उद्देश्य और आगे की योजना
किसान कारवां का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण किसानों तक कृषि विज्ञान पहुंचाना है। ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चल रहे हैं, ताकि हर जिले के किसान नई तकनीकों से जुड़ सकें। एटा में ये कार्यक्रम सफल रहा और किसानों में उत्साह दिखा। अधिकारी बताते हैं कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, जिसमें किसानों को सीधे खेत में जाकर ट्रेनिंग दी जाएगी।
किसान भाइयों, अगर आपके इलाके में भी किसान कारवां या कृषि जागरूकता कार्यक्रम हो रहा है तो जरूर भाग लें। ये छोटे-छोटे बदलाव आपकी खेती को मजबूत बनाएंगे और आमदनी बढ़ाएंगे। सरकार की ये कोशिशें किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।
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