गुजरात में खेती करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली योजना चल रही है। किसान सूर्योदय योजना (KSY) के तहत किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई आसान हो गई है और फसल की पैदावार बढ़ रही है। यह योजना 2020 में शुरू हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लॉन्च किया।
पहले दो शिफ्ट में बिजली दी जाती थी – सुबह 5 से दोपहर 1 बजे और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक। लेकिन अब इसे सिंगल शिफ्ट में बदल दिया गया है – सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक, जो दिन की रोशनी के साथ पूरी तरह मैच करता है। इससे सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ा है, ग्रिड पर पीक लोड कम हुआ है और बिजली सप्लाई ज्यादा सस्टेनेबल हो गई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि योजना के तहत अब तक राज्य के 98.66 प्रतिशत गांवों यानी कुल 17,018 गांवों में दिन में बिजली पहुंच चुकी है। इससे 19.69 लाख किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। 98 प्रतिशत सबस्टेशन दिन की शिफ्ट में शिफ्ट हो चुके हैं। बाकी बचे 231 गांवों को कवर करने के लिए 45 रोटेशनल सबस्टेशन को शिफ्ट किया जा रहा है। पूरा मिशन मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।
अब तक कितना निवेश और काम हुआ?
योजना को मजबूत बनाने के लिए अब तक 5,353.62 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें शामिल है:
- 40 नए सबस्टेशन बनाए गए।
- 4,640.73 सर्किट किलोमीटर (CKM) ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गईं।
- 3,927.72 CKM MVCC (मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर) डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए लगाए गए।
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आगे की योजना क्या है?
2026-27 में लगभग 5 नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे। ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,100 CKM नई लाइनें बिछाई जाएंगी, जिस पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। DISCOMs के लिए एरियल बंच्ड (AB) केबल और MVCC लगाने पर 375 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे बिजली सप्लाई और भरोसेमंद बनेगी।
दिन में बिजली मिलने से किसानों को क्या फायदा?
पहले रात में बिजली मिलती थी, जिससे कई समस्याएं थीं – पानी की बर्बादी ज्यादा होती थी, जंगली जानवरों का डर रहता था, समय भी ज्यादा लगता था और सिंचाई ठीक से नहीं हो पाती थी। अब दिन में बिजली मिलने से:
- सही समय पर और सही मात्रा में सिंचाई हो रही है।
- पानी की बचत हो रही है।
- फसल की पैदावार बढ़ रही है।
- किसानों का समय बच रहा है और जोखिम कम हो गया है।
साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तालुका के कंकरोल गांव के किसान और हिम्मतनगर APMC के चेयरमैन जयेश पटेल ने कहा, “पहले रात में बिजली मिलती थी, खेत में सिंचाई करना मुश्किल था, पानी बर्बाद होता था और जंगली जानवरों का डर रहता था। लेकिन इस योजना से पिछले दो सालों से दिन में बिजली मिल रही है, सभी समस्याएं हल हो गईं। अब सही समय पर सही मात्रा में पानी डाल पाते हैं, समय बचता है।”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी नीतियों और संवेदनशीलता से राज्य के लगभग 98 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। जो अभी शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें भी मार्च 2026 तक दिन में बिजली मिलना शुरू हो जाएगी और यह मिशन पूरा हो जाएगा। यह पीएम मोदी का निर्णय था। किसानों को पर्याप्त पानी और बिजली मिलने से राज्य के कृषि क्षेत्र का पूरा परिदृश्य बदल गया है, जिससे किसानों की समृद्धि बढ़ी है।