जनवरी में इस विधि से करें लौकी की खेती, कड़ाके की ठंड में भी खूब होगी पैदावार

जनवरी की कड़ाके की ठंड के बीच किसान भाइयों के लिए लौकी की अगेती खेती एक सुनहरा मौका है। सामान्य तौर पर लौकी गर्मियों की फसल है, लेकिन अगर सही तरीके से रोपाई की जाए तो मार्च-अप्रैल में बाजार में पहली खेप पहुंचाकर दोगुना से ज्यादा दाम मिल सकता है। शाहजहांपुर के किसान इस समय लो-टनल तकनीक से लौकी उगा रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक बताते हैं कि ठंड में बीज अंकुरण की सबसे बड़ी समस्या होती है। लौकी के बीज को अंकुरित होने के लिए कम से कम 20-25 डिग्री तापमान चाहिए, लेकिन बाहर पारा काफी नीचे रहता है। ऐसे में खुले खेत में बुवाई करने पर पौधे नहीं निकलते या बहुत कम निकलते हैं।

डॉ. पाठक की सलाह है कि जनवरी में लौकी की बुवाई के लिए प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन यानी लो-टनल तकनीक अपनाएं। इससे अंदर का तापमान बाहर से 5-8 डिग्री ज्यादा रहता है, पौधे पाले से सुरक्षित रहते हैं और तेजी से बढ़ते हैं। कई किसान इस तरीके से फसल लहलहा रहे हैं और मार्च में बाजार में अच्छे दाम पा रहे हैं।

लो-टनल तकनीक से लौकी कैसे उगाएं

लो-टनल एक छोटा ग्रीनहाउस जैसा सिस्टम है, जो सस्ता और आसान है। पहले खेत की अच्छी जुताई करें और सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट अंतिम जुताई में मिलाएं। खेत को पाटा चलाकर समतल कर लें। फिर 2 से 2.5 मीटर की दूरी पर बेड बनाएं। बीजों को 12 घंटे पानी में भिगोकर रखें और फंगीसाइड से उपचारित करें।

बेड पर उचित दूरी पर बीज लगाएं या नर्सरी से तैयार पौधे रोपें। नर्सरी विधि अपनाने पर पौधों की जीवित रहने की दर 90% तक पहुंच जाती है। बुवाई के बाद मल्चिंग फिल्म का इस्तेमाल करें, ताकि नमी और गर्मी बनी रहे। फिर बांस की खपच्चियों या लोहे के तारों को धनुषाकार आकार में गाड़ दें और ऊपर 25-30 माइक्रोन की पारदर्शी प्लास्टिक शीट ढक दें। ये टनल अंदर गर्माहट बनाए रखता है। जैसे ही बाहर तापमान बढ़ने लगे, टनल हटा दें।

लो-टनल के फायदे

इस तकनीक से फसल ठंड और पाले से पूरी तरह सुरक्षित रहती है। पौधे तेजी से बढ़ते हैं, फूल और फल जल्दी आते हैं। अगेती फसल मार्च-अप्रैल में बाजार में पहुंचती है, जब मांग सबसे ज्यादा होती है और भाव दोगुने से ज्यादा मिलते हैं। डॉ. पाठक कहते हैं कि लो-टनल से लाखों का मुनाफा संभव है। साथ ही पानी और खाद की बचत भी होती है। अगेती  फसल के लिए उन्नत किस्में चुनें, जो ठंड सहन कर सकें। बीजों का उपचार जरूर करें और खेत में जल निकास अच्छा रखें।

किसान भाइयों, अगर आप भी जनवरी में लौकी की खेती शुरू करने का सोच रहे हैं तो लो-टनल तकनीक आजमाएं। ये सस्ती, आसान और फायदेमंद है। अपने इलाके के उद्यान विभाग से और सलाह लें।

ये भी पढ़ें- जनवरी में रबी फसलों पर इस कीड़े का हमला! देसी उपाय नहीं अपनाए तो सरसों-गेहूं खतरे में

Author

  • Shashikant

    नमस्ते, मैं शशिकांत। मैं 2 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती से सम्बंधित सभी विषय में विशेषज्ञता प्राप्‍त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी एकदम सटीक ताजा खबरें बताऊंगा। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको 'काम की खबर' दे सकूं। जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप Krishitak.com के साथ जुड़े रहिए।

    View all posts

Leave a Comment