आम के किसान भाइयों के लिए जनवरी और फरवरी का महीना बहुत अहम होता है। इस समय पेड़ों पर बौर यानी फूल आने शुरू हो जाते हैं, लेकिन इसी दौरान मिली बग नाम का कीट सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरता है। ये छोटा सा कीट बौर को चूसकर गिरा देता है, फल नहीं बनने देता और उपज की क्वालिटी भी खराब कर देता है। अगर समय पर काबू न पाया जाए तो पूरा बाग बर्बाद हो सकता है।
रीवा के फल अनुसंधान केंद्र कुठुलिया के वैज्ञानिक डॉ टीके सिंह बताते हैं कि मिली बग मिट्टी की दरारों और पेड़ों की छाल में अंडे देता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, अंडे लार्वा बनते हैं और पेड़ों पर चढ़कर हमला करते हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि सही समय पर छोटा सा उपचार करके इस कीट को आसानी से रोका जा सकता है।
डॉ सिंह की सलाह है कि जनवरी के आखिरी हफ्ते और फरवरी की शुरुआत में ही पेड़ों की अच्छे से जांच करें। अगर कहीं सफेद या भूरे रंग के कीट दिखें या पत्तियां चिपचिपी हो रही हों तो समझ जाएं कि मिली बग ने हमला शुरू कर दिया है। इस समय उपचार करेंगे तो बौर सुरक्षित रहेंगे, फूल नहीं गिरेंगे और बाद में फल भरपूर लगेंगे। कई किसानों ने पिछले सालों में ये गलती की कि देर कर दी, नतीजा ये हुआ कि बाग में फल ही नहीं आए।
इमिडाक्लोप्रिड स्प्रे का सही तरीका
वैज्ञानिकों की सबसे कारगर सलाह है सिस्टेमिक कीटनाशक इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL का छिड़काव करना। ये दवा जड़ों से पौधे में फैलती है और कीट को अंदर से मारती है। तरीका बहुत आसान है – प्रति लीटर पानी में 2 मिलीलीटर इमिडाक्लोप्रिड घोल बनाएं और पूरे पेड़ पर अच्छे से स्प्रे कर दें। खासकर तने, छाल और नई कलियों पर ज्यादा ध्यान दें। एक बार स्प्रे करने से लंबे समय तक कीट का प्रकोप रुक जाता है। अच्छी क्वालिटी की कंपनी का उत्पाद चुनें, ताकि असर पूरा हो।
देसी जुगाड़: बोर्डो मिक्चर का लेप लगाएं, कीट ऊपर नहीं चढ़ पाएगा
अगर आप रासायनिक दवा कम इस्तेमाल करना चाहते हैं तो बोर्डो मिक्चर का लेप बहुत काम का है। ये पुराना लेकिन कारगर तरीका है। पेड़ के निचले तने पर बोर्डो मिक्चर की मोटी परत चढ़ा दें। इससे कीट मिट्टी से ऊपर नहीं चढ़ पाते और हमला शुरुआत में ही रुक जाता है। ये लेप सस्ता और आसानी से बनाया जा सकता है। कई पुराने किसान भाई इसी तरीके से सालों से बाग बचा रहे हैं। दोनों तरीकों को मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं – पहले लेप लगाएं और फिर जरूरत पड़े तो स्प्रे करें।
इन उपायों से क्या फायदा मिलेगा
समय पर ये छोटे उपचार करने से बौर बंपर आएंगे, फूल नहीं गिरेंगे और फल अच्छे से लगेंगे। फलों की संख्या बढ़ेगी, साइज बड़ा होगा और स्वाद भी मीठा रहेगा। बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे और मुनाफा दोगुना हो सकता है। डॉ टीके सिंह कहते हैं कि जो किसान इन बातों का ध्यान रखते हैं, उनके बाग हमेशा फलों से लदे रहते हैं। मिली बग का प्रकोप रोकने से फसल की गुणवत्ता भी टॉप क्लास रहती है।
किसान भाइयों, जनवरी-फरवरी में बाग की नियमित निगरानी करें। मौसम गर्म होने पर कीट तेजी से फैलते हैं, इसलिए देर न करें। अपने इलाके के फल अनुसंधान केंद्र या कृषि विभाग से भी सलाह लेते रहें।
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