Seema Baingan Variety Ki Kheti: किसान भाइयो, बैंगन की खेती में सबसे बड़ा फायदा वो वैरायटी से मिलता है जो जल्दी फल दे। सीमा वैरायटी में बुवाई या रोपाई के महज 55 से 65 दिन के अंदर ही पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है। मतलब अगर आप फरवरी-मार्च में नर्सरी डालकर अप्रैल के महीने में रोपाई करते हैं, तो जून-जुलाई तक ही बाजार में फल भेजना शुरू कर सकते हो। ये समय गर्मी का होता है, जब बैंगन की मांग बहुत तेज रहती है और भाव भी ऊंचे मिलते हैं।
कई किसान भाई बताते हैं कि इस वैरायटी से पहली तुड़ाई के बाद लगातार फल आते रहते हैं, जिससे 4 से 5 महीने तक अच्छी कमाई चलती रहती है। अगर मौसम अनुकूल रहा और देखभाल अच्छी की तो 6-7 महीने तक भी तुड़ाई जारी रह सकती है। इतनी जल्दी उत्पादन मिलना छोटे किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि जल्दी पैसा आता है और नया निवेश करने का मौका मिल जाता है।
फल का आकार, रंग और वजन — बाजार में आकर्षक
‘सीमा’ के फल का आकार लंबा और बहुत सुंदर होता है। गहरा बैंगनी (violet-purple) रंग, चमकदार सतह और सीधा आकार — बाजार में ये देखने में बहुत अच्छा लगता है। ग्राहक ऐसे चमकदार और लंबे बैंगन को ज्यादा पसंद करते हैं। औसतन एक फल का वजन 75 से 85 ग्राम तक रहता है। न ज्यादा बड़ा, न छोटा — बिल्कुल परफेक्ट मार्केट साइज।
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फल क्लस्टर में लगते हैं, यानी एक डंठल पर कई फल साथ-साथ आते हैं। इससे तुड़ाई आसान हो जाती है और मजदूरी का खर्च भी कम होता है। फल में बीज बहुत कम होते हैं, गुदा मोटी और चिकनी होती है। स्वाद में हल्का मीठा-कड़वा बैलेंस अच्छा रहता है। भर्ता बनाने में, सब्जी में, अचार में या ग्रिल करके — हर तरीके से बढ़िया लगता है।
पैदावार कितनी मिलेगी — भरपूर उत्पादन का राज
ये हाइब्रिड वैरायटी होने से पैदावार काफी अच्छी मिलती है। अच्छी देखभाल, संतुलित खाद और पानी की व्यवस्था होने पर प्रति एकड़ 25 से 35 टन तक उपज आसानी से आ जाती है। कई किसान भाई तो 40 टन तक की बात करते हैं, खासकर अगर वे ड्रिप सिंचाई और जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं।
एक बार रोपाई करने के बाद पौधे मजबूत होते हैं और लंबे समय तक उत्पादन देते रहते हैं। फसल में रोग-कीट का हमला भी कम होता है, क्योंकि ये वैरायटी मजबूत जड़ों वाली और क्लाइमेट रेजिलिएंट है। ये खासियत इसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में बहुत पॉपुलर बनाती है।
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बीज कहां से लें और कितने में — आसान और सस्ता
NSC सरकारी कंपनी होने से बीज की गुणवत्ता पर कोई सवाल ही नहीं उठता। कंपनी ISO 9001 और 14001 सर्टिफाइड है। बीज शुद्ध, अंकुरण दर अच्छी और पैकेट पर पूरी जानकारी छपी होती है। 10 ग्राम का पैकेट (F1 हाइब्रिड) सिर्फ 100 रुपये में मिल जाता है। इतने कम दाम में इतनी अच्छी वैरायटी मिलना किसानों के लिए बड़ी राहत है।
ऑनलाइन ऑर्डर करना बहुत आसान है। आप NSC की ऑफिशियल Mystore पर जा सकते हो — https://mystore.in/en/product/brinjal-seema-1 । वहां QR कोड स्कैन करके या डायरेक्ट खरीद सकते हो। पैकेट 10 ग्राम का होता है, जो एकड़ के लिए काफी है। अगर आप ज्यादा लगाना चाहते हैं तो 20 ग्राम या 50 ग्राम के पैकेट भी उपलब्ध हैं। डिलीवरी NSC-नई दिल्ली से होती है, तो विश्वसनीय रहती है।
खेती के लिए जरूरी टिप्स — सफलता के राज
खेती शुरू करने से पहले नर्सरी में बीज डालो। 20-25 दिन में पौध तैयार हो जाते हैं। रोपाई के लिए 60 सेंटीमीटर x 45 सेंटीमीटर की दूरी रखो। मिट्टी अच्छी दोमट होनी चाहिए। रोपाई से पहले खेत में अच्छी मात्रा में गोबर खाद या कम्पोस्ट डाल दो। पानी नियमित दो, लेकिन ज्यादा न हो वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
फूल आने पर पोटाश और फॉस्फोरस वाली खाद थोड़ी ज्यादा दो, ताकि फल ज्यादा और बड़े लगें। कीट-रोग से बचाव के लिए रासायनिक दवा से पहले नीम का पानी या जैविक कीटनाशक इस्तेमाल करो। ये पर्यावरण के लिए भी अच्छा है और फल की क्वालिटी बनी रहती है। पहली तुड़ाई के बाद हर 7-10 दिन में फल तोड़ते रहो, ताकि नया फल जल्दी आए। फल ज्यादा बड़े होने दो तो बाजार में कम भाव मिलते हैं, इसलिए सही समय पर तोड़ना जरूरी है।
अगर आप सब्जी की खेती करते हो, खासकर बैंगन, और जल्दी अच्छी कमाई चाहते हैं, तो सीमा वैरायटी जरूर ट्राई करें। कम पैसा, कम समय, ज्यादा उत्पादन और बाजार में अच्छा दाम — यही तो किसान की असली खुशी है। कई किसान भाई इस वैरायटी से साल में दो-तीन फसल लेते हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
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