केंद्रीय बजट 2026 से किसानों की बड़ी उम्मीदें! पीएम किसान में बढ़ोतरी और नया बीज कानून पर सबकी नजरें

1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। खेती की बढ़ती लागत, महंगाई और आय की चिंता के बीच किसान उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार कुछ ठोस कदम उठाएगी। सबसे बड़ी उम्मीद पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी है, जहां सालाना 6000 रुपये की राशि में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है।

कई सालों से यह राशि नहीं बढ़ी है, जबकि खाद-बीज और मजदूरी का खर्चा कई गुना हो गया है। अगर बजट में यह बढ़ोतरी हुई तो किसानों की जेब में सीधा फायदा पहुंचेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि किसान जब ज्यादा कमाते हैं तो गांवों में खर्च बढ़ता है, जिससे बाजार और छोटे कारोबार को भी फायदा होता है।

बजट में एक और बड़ा मुद्दा है नया बीज विधेयक 2025। सरकार इसे बजट सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह पुराने बीज अधिनियम 1966 और बीज नियंत्रण आदेश 1983 की जगह लेगा। नए कानून में बीज किस्मों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और नियम तोड़ने पर कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है।

किसान भाई लंबे समय से घटिया और नकली बीजों से परेशान हैं, जो फसल बर्बाद कर देते हैं। इस विधेयक से हाई क्वालिटी बीजों की आसानी से उपलब्धता होगी, नकली बीजों पर रोक लगेगी और बीज आयात सरल हो जाएगा। किसानों के अधिकार मजबूत होंगे और बीज उद्योग में पारदर्शिता आएगी।

इनपुट लागत कम करने की मांग

खेती की सबसे बड़ी समस्या बढ़ती इनपुट लागत है। बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरणों के दाम आसमान छू रहे हैं। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि बजट में इन पर सब्सिडी बढ़ाई जाएगी या कोई नई राहत दी जाएगी। महंगाई से निपटने के लिए बाजार कीमतों को स्थिर करने वाली नीतियां भी जरूरी हैं। अगर इनपुट सस्ते हुए तो फसल की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।

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फसल बीमा और सिंचाई पर भी नजर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और मजबूत बनाने की मांग है। मौसम की मार से फसल बर्बाद होने पर सही मुआवजा मिले, इसके लिए बजट में ज्यादा प्रावधान की उम्मीद है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी फंड बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ज्यादा खेतों तक पानी पहुंचे और सूखे का असर कम हो। कृषि लोन पर ब्याज सब्सिडी या आसान उपलब्धता भी किसानों की लिस्ट में है।

बजट क्यों इतना महत्वपूर्ण?

भारत में करोड़ों परिवार खेती पर निर्भर हैं। अगर किसानों की आय बढ़ी तो गांवों में खर्च बढ़ेगा, बाजार चलेगा और पूरी अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। पिछले बजटों में कृषि पर फोकस रहा है, लेकिन इस बार बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए और बड़े ऐलान की उम्मीद है।

किसान भाइयों, बजट आने तक आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें। पीएम किसान और अन्य योजनाओं की पात्रता चेक करते रहें। अगर सरकार ने मांगें सुनीं तो यह बजट खेती के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। उम्मीद है कि 2026 का बजट किसानों की मेहनत को सच्चा सम्मान देगा।

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  • Shashikant

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