उत्तर प्रदेश के गांवों में अब दूध उत्पादन सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि महिलाओं की आजादी और ताकत का जरिया बन गया है। योगी सरकार की कोशिशों से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़ रही हैं। नतीजा ये कि अब तक 45,611 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मतलब उनकी सालाना कमाई एक लाख रुपये से ऊपर हो गई है। ये महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार को मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत दे रही हैं।
सरकार की दुग्ध वैल्यू चेन योजना ने इसमें बड़ा रोल अदा किया है। महिलाओं को संगठित करके मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां बनाई गईं, जो दूध इकट्ठा करने से लेकर बेचने तक का पूरा काम संभालती हैं। इससे बिचौलिए खत्म हो गए और पूरा पैसा सीधे महिलाओं के हाथ में आ रहा है। कई जिलों में ये कंपनियां करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं।
बुंदेलखंड की महिलाओं की मिसाल
बुंदेलखंड के सात जिलों में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी सबसे चमकदार उदाहरण है। 2019 में झांसी में शुरू हुई इस कंपनी ने महिलाओं को दूध उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया। कंपनी दूध का संग्रह पारदर्शी तरीके से करती है, समय पर पैसे देती है और पशुओं के लिए हरा चारा, कृत्रिम गर्भाधान और अच्छा आहार जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराती है।
अब बुंदेलखंड के 1351 गांवों की करीब 90 हजार महिलाएं रोजाना 2.72 लाख लीटर से ज्यादा दूध इकट्ठा कर रही हैं। इनमें से 20 हजार महिलाएं तो लखपति दीदी बन चुकी हैं। बलिनी ने बिचौलियों को बाहर का रास्ता दिखाकर महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचाया।
पूरे प्रदेश में दूध का बड़ा कारोबार
प्रदेश में बलिनी के अलावा सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां भी कमाल कर रही हैं। ये कंपनियां 31 जिलों के 5205 गांवों से जुड़ी हैं। यहां 2.89 लाख से ज्यादा दूध उत्पादक रोजाना 9.15 लाख लीटर से ज्यादा दूध इकट्ठा कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं और 45,611 से अधिक अब लखपति श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि दूध का ये कारोबार सालाना करोड़ों रुपये का हो चुका है।
ये सिर्फ पैसे की बात नहीं है। महिलाएं अब अपने फैसले खुद ले रही हैं, परिवार में उनकी आवाज मजबूत हुई है और गांवों में समावेशी विकास हो रहा है। सरकार की योजनाएं और स्वयं सहायता समूहों की मेहनत से ग्रामीण महिलाएं सशक्त हो रही हैं।
अब ज्यादा महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव की महिला आर्थिक रूप से मजबूत बने। दुग्ध वैल्यू चेन को और विस्तार देने की योजना है, ताकि ज्यादा महिलाएं इससे जुड़ें। अगर आपके गांव में भी स्वयं सहायता समूह है तो वहां की बहनों से संपर्क करें और दूध उत्पादन का काम शुरू करें। छोटे स्तर से शुरुआत करके बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है।
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