यूपी में श्रीअन्न की MSP पर बंपर खरीद, किसानों के खाते में आए 792 करोड़ रुपये

उत्तर प्रदेश के किसान भाइयों के लिए खुशखबरी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की सरकारी खरीद ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। योगी सरकार की सख्त नीतियों और समय पर भुगतान की वजह से किसानों ने बाजार के दलालों को छोड़कर सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल बेची। नतीजा ये हुआ कि बाजरा, ज्वार और मक्का की खरीद पिछले साल से कई गुना बढ़ गई। खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होकर पूरी हो चुकी है और किसानों के खाते में रिकॉर्ड भुगतान हो गया। सर्दियों में इन अनाजों की मांग तो पहले से ही ज्यादा रहती है, क्योंकि ये पोषण से भरपूर और शरीर को गर्माहट देते हैं। अब सरकारी समर्थन से किसानों की जेब भी गर्म हो गई है।

सरकार ने MSP पर बाजरा 2775 रुपये, ज्वार हाईब्रिड 3699 रुपये, ज्वार मालदांडी 3749 रुपये और मक्का 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया था। ये दाम किसानों को फायदा पहुंचाने वाले साबित हुए। कई जिलों में खरीद केंद्रों पर लंबी कतारें लगीं और किसान खुश नजर आए।

बाजरा की खरीद में सबसे बड़ा उछाल, 598 करोड़ का भुगतान

बाजरा की खरीद तो सबसे ज्यादा रही। प्रदेश के 33 जिलों जैसे बदायूं, बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई और उन्नाव में खरीद हुई। यहां 90,513 किसानों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 54,253 किसानों से 2.13 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया। कुल भुगतान 598.04 करोड़ रुपये हुआ।

पिछले साल की तुलना करें तो ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। तब सिर्फ 19,030 किसानों से 1.01 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 268 करोड़ रुपये दिए गए थे। मतलब इस बार खरीद दोगुनी से ज्यादा और भुगतान भी दोगुना हो गया। किसान भाई कह रहे हैं कि समय पर पैसा मिलने से उनकी दीवाली और भी खुशहाल हो गई।

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ज्वार और मक्का की खरीद भी शानदार

ज्वार की खरीद 11 जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर और जालौन में हुई। 20,307 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया, 13,454 किसानों से 43,562 मीट्रिक टन ज्वार खरीदा गया और 162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

मक्का की खरीद 25 जिलों में हुई, जिनमें बदायूं, बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया और ललितपुर शामिल हैं। यहां 7,106 किसानों ने पंजीकरण कराया, 3,445 किसानों से 13,209 मीट्रिक टन मक्का खरीदा गया और 31.96 करोड़ रुपये दिए गए।

कुल मिलाकर इन तीन अनाजों से 71 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा हुआ और करीब 792 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान उनके खातों में पहुंचा।

सरकार की नीति से किसानों का भरोसा बढ़ा

योगी सरकार की साफ नीति रही कि खरीद पारदर्शी हो और पैसा समय पर मिले। इसी का नतीजा है कि किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल लेकर आए। मोटे अनाजों को श्रीअन्न कहकर प्रोत्साहन देने से भी किसानों में उत्साह बढ़ा। अब ये अनाज सिर्फ खेतों में नहीं, बल्कि बाजार में भी अच्छे दाम पा रहे हैं। सर्दियों में ज्वार की रोटी, बाजरे की खिचड़ी और मक्के की रोटी लोगों की पसंद बन रही है।

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  • Shashikant

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