नाशिक की मंडी में प्याज ने लगाई छलांग, बारिश ने रोकी नई फसल की आवक

Nashik Mandi Onion Prices: नाशिक की मंडियों में प्याज के दाम अचानक आसमान छूने लगे हैं। पिछले सिर्फ 4 दिनों में थोक भाव में करीब 26% का उछाल आया है। वजह साफ है, लगातार बरसात ने खरीफ की नई फसल को मंडी तक पहुंचने से रोक दिया। किसान भाई परेशान हैं और खरीदारों की जेब भी ढीली हो रही है।

लासलगांव की कृषि उपज मंडी समिति को एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी कहा जाता है। यहीं के आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को प्याज का औसत थोक भाव 1350 रुपये प्रति क्विंटल था। शुक्रवार आते-आते यह 1710 रुपये तक पहुंच गया। मंडी के एक पुराने अधिकारी ने बताया कि बारिश की वजह से प्याज की गाड़ियां आधी ही आ पा रही हैं। मांग तो पहले जैसी है, लेकिन माल कम होने से भाव अपने आप ऊपर चढ़ गए।

शुक्रवार को मंडी में प्याज 700 रुपये से शुरू होकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। दाम बढ़े जरूर हैं, मगर किसानों का हिसाब अभी भी घाटे में चल रहा है। एक क्विंटल प्याज उगाने में करीब 1800 रुपये खर्च आता है। यानी जो भाव मिल रहा है, वह लागत भी नहीं निकाल पा रहा।

बारिश ने बिगाड़ा पूरा खेल

इस बार खरीफ प्याज की कटाई अक्टूबर के मध्य से शुरू होनी थी। लेकिन सितंबर में आई भारी बारिश ने जिले की 80% फसल को पानी में बहा दिया। जो 20% फसल बची, वह भी 15 अगस्त के बाद बोई गई थी। अब उसकी कटाई नवंबर के आखिरी हफ्ते में ही हो पाएगी। तब तक मंडी में नई फसल का इंतजार रहेगा।

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अभी जो प्याज बाजार में बिक रहा है, वह गर्मी की पुरानी फसल है। किसान इसे मार्च-अप्रैल में काटकर अपने गोदामों में रखते हैं। 6-7 महीने तक स्टोर करके जरूरत पड़ने पर या भाव अच्छा लगने पर धीरे-धीरे निकालते हैं। इस बार स्टॉक भी कम बचा है, इसलिए दाम पर और दबाव पड़ा।

किसान से लेकर रसोई तक असर

प्याज का भाव बढ़ना सिर्फ मंडी की बात नहीं है। किसान को लागत नहीं मिल रही, व्यापारी को माल नहीं मिल रहा और घर की रसोई में प्याज महंगा हो रहा है। भारत में प्याज की कीमतें हमेशा से चर्चा में रहती हैं। अब सबकी नजर मौसम पर टिकी है। अगर नवंबर में बारिश रुकी और नई फसल समय पर आई, तो शायद राहत मिले। वरना दाम और ऊपर जा सकते हैं।

नाशिक के किसान भाईयों से बात की तो वे कहते हैं कि बारिश ने फसल तो बर्बाद की ही, साथ में उम्मीद भी तोड़ दी। लेकिन वे हार नहीं मान रहे। जो बचा है, उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। मंडी के जानकारों का मानना है कि अगले 2 हफ्ते मौसम साफ रहा तो बाजार स्थिर हो सकता है। तब तक धैर्य रखें और पुराने स्टॉक को समझदारी से बेचें।

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  • Shashikant

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