उत्तर प्रदेश सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में दो ऐसे फैसले लिए गए हैं जिनका सीधा असर किसानों और आपदा प्रभावित ग्रामीणों पर पड़ेगा। एक तरफ गन्ना किसानों को राहत देने के लिए मुजफ्फरनगर की मोरना चीनी मिल को आधुनिक बनाने की मंजूरी दी गई है, वहीं दूसरी ओर बहराइच जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का रास्ता साफ हुआ है। सरकार का कहना है कि इन दोनों कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनजीवन को मजबूती मिलेगी।
मोरना चीनी मिल के आधुनिकीकरण को मंजूरी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान लंबे समय से मिलों की तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशान रहते हैं। पुरानी मशीनों की वजह से पेराई में देरी होती है और भुगतान भी प्रभावित होता है। अब मोरना स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल में नई तकनीक और आधुनिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। इससे मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी और संचालन बेहतर होगा।
पेराई क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
मिल की मौजूदा पेराई क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। पहले इसे बढ़ाकर ऊंचे स्तर पर ले जाया जाएगा और बाद में और विस्तार किया जाएगा, जिससे ज्यादा गन्ना समय पर पिस सके। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर मिलने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उत्पादन बढ़ने से मिल की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
बहराइच के बाढ़ प्रभावित परिवारों को नई बसावट
कैबिनेट ने बहराइच जिले के एक ऐसे गांव के परिवारों को भी राहत देने का फैसला किया है जो लंबे समय से बाढ़ और भौगोलिक कठिनाइयों के बीच जीवन गुजार रहे थे। नदियों और जंगल से घिरे इस गांव के लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतें होती थीं और जान का खतरा भी बना रहता था। एक दर्दनाक हादसे के बाद सरकार ने इन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने का निर्णय लिया।
नई जगह पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
इन परिवारों को अब दूसरे सुरक्षित क्षेत्र में बसाया जाएगा जहां उन्हें आवास योजना के तहत पक्के घर दिए जाएंगे। नई बसावट में सड़क, बिजली, पानी, नाली और हरियाली जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। सरकार का कहना है कि पुनर्वास की यह योजना केवल घर देने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पूरी बस्ती को व्यवस्थित ढंग से बसाया जाएगा।
कुल मिलाकर, एक तरफ गन्ना किसानों के लिए मिलों की क्षमता बढ़ाने का कदम उठाया गया है, तो दूसरी ओर आपदा प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित जीवन देने की दिशा में पहल की गई है। ये फैसले दिखाते हैं कि कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है।
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