गन्ने की खेती करने वाले किसानों के बीच Co 86032 किस्म तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह किस्म वैज्ञानिक संस्थान ICAR-सुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट, कोयंबटूर द्वारा विकसित की गई है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसकी अधिक पैदावार, बेहतर चीनी मात्रा और बीमारियों से लड़ने की क्षमता है। यही कारण है कि कई राज्यों के किसान इसे व्यावसायिक खेती के लिए अपनाने लगे हैं।
यह किस्म खास तौर पर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के आंतरिक इलाकों के लिए उपयुक्त मानी गई है, जहां जलवायु और मिट्टी की स्थिति इसके अनुकूल रहती है।
पैदावार और चीनी उत्पादन में दमदार
इस किस्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी उपज क्षमता है। सही देखभाल में यह प्रति हेक्टेयर बहुत अधिक गन्ना उत्पादन देने की क्षमता रखती है। ज्यादा उपज के साथ-साथ इससे चीनी की प्राप्ति भी अच्छी होती है, जिससे मिलों में इसकी मांग बनी रहती है। एक और फायदा यह है कि अगर कटाई में थोड़ा विलंब हो जाए, तब भी इसकी गुणवत्ता पर अन्य किस्मों की तुलना में कम असर पड़ता है। इससे किसानों को कटाई समय में थोड़ी लचीलापन मिल जाता है।
बोआई का सही समय और बढ़वार
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस किस्म की बुवाई के लिए ठंड का अंत और हल्की गर्मी की शुरुआत वाला समय बेहतर रहता है। कुछ क्षेत्रों में इसे शरदकालीन मौसम में भी लगाया जाता है। पौधे की बढ़वार मजबूत होती है और खेत में एक समान फसल तैयार होती है, जिससे कटाई और परिवहन भी आसान रहता है।
रोगों के प्रति सहनशीलता
Co 86032 किस्म की एक और बड़ी खासियत इसकी रोग सहनशीलता है। यह कई प्रमुख गन्ना रोगों के प्रति प्रतिरोध क्षमता रखती है। कुछ रोगों के प्रति यह पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है, जबकि कुछ के प्रति मध्यम सहनशीलता दिखाती है। इस कारण किसानों को दवाओं पर कम खर्च करना पड़ता है और फसल का नुकसान भी घटता है। साथ ही यह किस्म सूखे हालात और मिट्टी में हल्के खारेपन को भी सहन कर लेती है, जो इसे कठिन परिस्थितियों में भी उपयोगी बनाता है।
पहचान कैसे करें इस किस्म को
इस किस्म का गन्ना मध्यम मोटाई का और सीधा बढ़ने वाला होता है। तने का रंग लालिमा लिए होता है। पोरियों पर हल्के सफेद निशान दिखाई देते हैं, जिससे पहचान आसान होती है। पत्तियां हरी होती हैं और नीचे की ओर हल्का बैंगनी आभास भी देखा जा सकता है।
कुल मिलाकर, Co 86032 किस्म उन किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प बन रही है जो ज्यादा उपज, बेहतर चीनी मात्रा और मजबूत फसल चाहते हैं। सही प्रबंधन और समय पर देखभाल के साथ यह किस्म गन्ना खेती को अधिक लाभकारी बना सकती है।
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