California Wonder Shimla Mirch Variety: शिमला मिर्च, जिसे कैप्सिकम या बेल पेपर भी कहा जाता है, सब्जी की दुनिया में एक ऐसी फसल है जो रसोई से लेकर बाजार तक हर जगह अपनी जगह बनाती है। आज हम बात कर रहे हैं इसकी एक क्लासिक वैरायटी कैलिफ़ोर्निया वंडर, जो दशकों से किसानों की पसंद बनी हुई है। ये वैरायटी 1928 में अमेरिका में विकसित हुई थी, लेकिन भारत के मौसम और मिट्टी में भी कमाल करती है। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन (NSC) जैसे सरकारी स्रोत से उपलब्ध होने पर इसकी विश्वसनीयता और दोगुनी हो जाती है। चलिए, इसकी पूरी डिटेल में जाते हैं।
California Wonder वैरायटी की मुख्य विशेषताएं और फायदे
California Wonder एक ओपन पोलिनेटेड वैरायटी है, मतलब किसान भाई अपना बीज साल दर साल बचाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। पौधे मजबूत और सीधे खड़े होते हैं, ऊंचाई 45 से 60 सेमी तक पहुंचती है। ये पौधे ज्यादा जगह नहीं घेरते, इसलिए छोटे खेतों या ग्रीनहाउस में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं। फल का आकार ब्लॉकी या बॉक्स जैसा होता है, ज्यादातर 3 से 4 लोब वाले। फल की दीवारें मोटी होती हैं, जो इसे स्टफिंग, सलाद, ग्रिलिंग या सब्जी बनाने के लिए परफेक्ट बनाती हैं।
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पैदावार की बात करें तो अच्छी देखभाल पर प्रति पौधे 5 से 10 फल आसानी से मिलते हैं। प्रति एकड़ उपज 6 से 10 टन तक पहुंच सकती है, खासकर अगर सिंचाई और खाद का प्रबंधन सही हो। परिपक्वता का समय ट्रांसप्लांटिंग से 70 से 80 दिन का होता है। बाजार में हरे फल को जल्दी तोड़कर बेच सकते हैं, या लाल होने पर छोड़कर ज्यादा दाम ले सकते हैं। ये वैरायटी निर्यात के लिए भी अच्छी है, क्योंकि फल का आकार और रंग आकर्षक होता है।
NSC स्टोर से बीज ऑर्डर करने की प्रक्रिया और फायदे
NSC भारत सरकार की कंपनी है, जो प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज प्रदान करती है। कैलिफ़ोर्निया वंडर वैरायटी के बीज (या इससे मिलती-जुलती कैप्सिकम वैरायटी) 2 ग्राम पैकेट में मात्र 120 रुपये में उपलब्ध हैं। ये कीमत छोटे किसानों के लिए बहुत किफायती है। ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए NSC की Mystore वेबसाइट पर जाएं — https://mystore.in/en/product/nsc-capsicum-pusa-capsicum-1-seed-1-gm । यहां कैप्सिकम बीज सेक्शन में वैरायटी चेक करें, पैक साइज सिलेक्ट करें और पेमेंट कर ऑर्डर प्लेस करें।
1 ग्राम बीज से 100 से 150 पौधे तैयार हो सकते हैं, जो एक छोटे खेत या घरेलू बागवानी के लिए काफी है। डिलीवरी समय पर और विश्वसनीय होती है। NSC के बीजों की अंकुरण दर 85-95% तक रहती है, क्योंकि ये प्रमाणित होते हैं। अगर आप ज्यादा मात्रा में लगाना चाहते हैं तो 5 ग्राम या 10 ग्राम पैकेट भी ऑर्डर कर सकते हैं।
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शिमला मिर्च की खेती की पूरी प्रक्रिया
शिमला मिर्च की खेती ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस या ओपन फील्ड में की जा सकती है। सबसे पहले नर्सरी तैयार करें। बीज जनवरी-फरवरी में डालें, ट्रांसप्लांटिंग से 6-8 हफ्ते पहले। बीज को 0.5 से 1 सेमी गहराई में बोएं। मिट्टी का तापमान 22 से 35 डिग्री सेल्सियस रखें, अंकुरण 7 से 14 दिन में होता है। नर्सरी में हल्का पानी दें और छाया दें ताकि पौधे मजबूत हों।
रोपाई के लिए मिट्टी दोमट, अच्छी जल निकासी वाली और pH 6 से 7 हो। रोपाई से पहले खेत में गोबर खाद (10-15 टन प्रति हेक्टेयर) और सुपर फॉस्फेट (50 किलो) मिलाएं। रोपाई की दूरी 60 सेमी x 45 सेमी रखें, ताकि पौधों को जगह मिले। सिंचाई नियमित लेकिन ज्यादा न हो — पानीलॉगिंग से जड़ें सड़ सकती हैं।
फसल की देखभाल में खाद का खास ध्यान दें। रोपाई के 20-25 दिन बाद यूरिया और पोटाश दें। फूल आने पर पोटाश ज्यादा दें ताकि फल मोटे और चमकदार हों। कीटों से बचाव के लिए नीम आधारित स्प्रे या जैविक दवाएं इस्तेमाल करें। थ्रिप्स, एफिड्स या फ्रूट बोरर जैसी समस्या हो तो समय पर नियंत्रण करें।
बाजार और मुनाफे की संभावनाएं
फसल 70-80 दिन में तैयार हो जाती है। हरे फल तोड़ें या लाल होने पर छोड़ें। बाजार में हरे फल को 40-60 रुपये किलो और लाल को 80-100 रुपये किलो तक मिल सकता है। अच्छी पैदावार से प्रति एकड़ 2-3 लाख रुपये तक की कमाई संभव है। California Wonder की लोकप्रियता बाजार में इसकी डिमांड से है। होटलों, सुपरमार्केट और निर्यात में ये वैरायटी पसंद की जाती है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में इसकी खेती सफल रही है। अगर आप ऑर्गेनिक तरीके से उगाते हैं तो प्रीमियम दाम मिलते हैं।
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