पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की मंडी में इन दिनों अशापुर बैंगन की धूम मची हुई है। स्थानीय किसानों ने ऑफ-सीजन में भी इस वैरायटी की ऐसी खेती की कि मंडी में भाव 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। कई किसान भाइयों ने 1 एकड़ से 4 से 6 लाख रुपये तक की कमाई की है। ये सफलता न सिर्फ मालदा के किसानों की मेहनत का नतीजा है बल्कि सही वैरायटी, समय पर रोपाई और अच्छी देखभाल का भी कमाल है। अशापुर बैंगन की चमकदार त्वचा, कम बीज और मीठा स्वाद की वजह से होटल, सुपरमार्केट और लोकल बाजार में इसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है।
मालदा के एक किसान रामनिवास मंडल ने बताया कि उन्होंने अशापुर बैंगन की रोपाई नवंबर में की थी। लो-टनल तकनीक अपनाकर ठंड से फसल को बचाया। फसल 70-80 दिन में तैयार हुई और जनवरी से मार्च तक लगातार फल आ रहे हैं। 1 एकड़ में उन्होंने 150-180 क्विंटल तक उत्पादन लिया। मंडी में औसत भाव 90-100 रुपये किलो मिला। कुल कमाई 5 लाख से ज्यादा हुई जबकि लागत सिर्फ 80-90 हजार रुपये रही। रामनिवास भाई ने कहा कि मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई से पानी और मजदूरी का खर्चा बहुत कम हुआ।
अशापुर बैंगन की खेती के राज
अशापुर बैंगन एक उन्नत वैरायटी है जो लंबे और चमकदार फल देती है। इसमें बीज कम होते हैं और स्वाद मीठा रहता है। फसल की अवधि 70-90 दिन है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वैरायटी में फल बोरर और बैक्टीरियल विल्ट का प्रकोप बहुत कम होता है। मालदा के किसानों ने इसे ऑफ-सीजन में लगाया, जब बाजार में सप्लाई कम होती है। इससे दाम बहुत ऊंचे मिले।
किसानों ने बताया कि बुवाई से पहले खेत में 8-10 टन गोबर खाद डाली। रोपाई के लिए 60 गुणा 60 सेंटीमीटर की दूरी रखी। मल्चिंग से खरपतवार नहीं उगे और नमी बनी रही। ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत हुई और फल बड़े बने। फूल आने पर बोरॉन और कैल्शियम का स्प्रे किया जिससे फल टेढ़े-मेढ़े नहीं हुए। रोग दिखते ही नीम तेल या जैविक कीटनाशक का छिड़काव किया।
बाजार में दाम और कमाई का अनुमान
मालदा मंडी में अशापुर बैंगन के दाम जनवरी-फरवरी में 80 से 120 रुपये किलो तक पहुंचे। औसतन 90-100 रुपये किलो मिला। 1 एकड़ में 150-200 क्विंटल उत्पादन होने पर कमाई 4 से 6 लाख तक हो सकती है। लागत 80 हजार से 1 लाख तक रहती है। ऑफ-सीजन होने से दाम ज्यादा मिलते हैं। कई किसान भाई सीधे होटलों या दिल्ली-कोलकाता के ट्रेडरों को बेच रहे हैं जहां दाम और भी बेहतर मिल रहे हैं।
अन्य किसानों के लिए टिप्स और सफलता के राज
रामनिवास भाई और अन्य किसानों ने कहा कि सफलता का राज सही वैरायटी और समय पर रोपाई है। लो-टनल या पॉलीहाउस अपनाने से ठंड से फसल बचती है। मल्चिंग से खरपतवार और पानी की बचत होती है। नियमित स्प्रे और खाद का संतुलन रखें। बाजार की मांग देखकर फसल तैयार करें।
किसान भाइयों, अगर आप भी बैंगन की खेती करते हैं तो अशापुर जैसी वैरायटी और मल्चिंग जरूर आजमाएं। नजदीकी कृषि केंद्र से उन्नत बीज और ट्रेनिंग लें। ऑफ-सीजन में खेती करके आप भी लाखों कमा सकते हैं। रामनिवास भाई की तरह आप भी सफलता की नई कहानी लिख सकते हैं।
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