बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के किसान भाइयों के लिए मशरूम की खेती एक बहुत बड़ा अवसर बनकर उभरा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की तरफ से चलाई जा रही योजना में किसानों को बटन मशरूम की खेती शुरू करने के लिए सिर्फ 900 रुपये की शुरुआती लागत में मदद मिल रही है। सरकार 50 से 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है, जिससे कम पूंजी में भी अच्छी कमाई संभव हो गई है। कई किसान भाई इस योजना से जुड़कर 3-4 महीने में 2 से 3 लाख रुपये तक कमा रहे हैं।
पश्चिम चंपारण के बेतिया और आसपास के इलाकों में इस योजना के तहत सैकड़ों किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाग की तरफ से मुफ्त स्पॉन (बीज), बैग, थर्मामीटर और ट्रेनिंग किट उपलब्ध कराई जा रही है। बटन मशरूम की खेती कम जगह में हो जाती है – कमरे, गोदाम या शेड में भी आसानी से की जा सकती है। ठंड का मौसम होने से स्पॉन अच्छा चलता है और फसल जल्दी तैयार हो जाती है। एक छोटे स्तर पर 100-200 बैग से शुरू करके महीने में 100-150 किलो तक मशरूम निकल सकता है। बाजार में ताजा बटन मशरूम के दाम 150 से 250 रुपये किलो तक मिल रहे हैं।
मशरूम की खेती कैसे शुरू करें
योजना में शामिल होने के लिए सबसे पहले नजदीकी कृषि कार्यालय या ब्लॉक स्तर पर संपर्क करें। आवेदन फॉर्म भरें और आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भूमि का प्रमाण पत्र लगाएं। छोटे किसानों, महिलाओं और SC/ST वर्ग को प्राथमिकता मिलती है। आवेदन मिलने के बाद विभाग से ट्रेनिंग ली जाती है – इसमें मशरूम की बुवाई, स्पॉन तैयार करना, तापमान और नमी नियंत्रण, कीट-रोग प्रबंधन और बिक्री की पूरी जानकारी दी जाती है।
ट्रेनिंग के बाद किसानों को 900 रुपये में 100-200 स्पॉन बैग दिए जाते हैं। बाकी खर्च सरकार की सब्सिडी से पूरा होता है। कमरे में तापमान 22-25 डिग्री और नमी 85-90 प्रतिशत रखनी होती है। 15-20 दिन में मशरूम तैयार हो जाता है। एक बैग से 1-1.5 किलो तक मशरूम निकलता है। 200 बैग से 200-300 किलो उत्पादन आसानी से हो जाता है। बिक्री लोकल बाजार, होटलों या दिल्ली-मुंबई के ट्रेडरों को की जा सकती है।
मशरूम की खेती से कमाई
एक किसान ने बताया कि उन्होंने 100 बैग से शुरू किया। कुल लागत 15-20 हजार रुपये रही (सब्सिडी के बाद)। 3 महीने में 150 किलो मशरूम निकला। औसत भाव 180 रुपये किलो मिला तो 27 हजार रुपये की कमाई हुई। दूसरी और तीसरी फसल से कुल 70-80 हजार रुपये तक मुनाफा हुआ। बड़े स्तर पर 500-1000 बैग लगाने वाले किसान 2-4 लाख तक कमा रहे हैं।
मशरूम की खेती के फायदे बहुत हैं – कम जगह, कम पानी, कम समय और ज्यादा मुनाफा। ये साल भर की जा सकती है लेकिन सर्दियों में सबसे अच्छी पैदावार मिलती है। मशरूम पोषण से भरपूर होता है और बाजार में डिमांड हमेशा रहती है।
किसान भाइयों, अगर आप भी मशरूम की खेती शुरू करना चाहते हैं तो पश्चिम चंपारण के कृषि कार्यालय या जिला उद्यान विभाग से संपर्क करें। योजना का फायदा उठाकर कम लागत में बड़ा मुनाफा कमाएं।
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