Dalle Khursani chilli ki kheti : किसान भाइयों, हम एक ऐसी फसल की बात करेंगे जो कम मेहनत में बढ़िया कमाई दे सकती है – डैले मिर्च। डैले मिर्च जिसे डैले खोरसानी या नागा मिर्च भी कहते हैं, दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में शुमार है। सिक्किम, असम और नॉर्थ-ईस्ट में ये खूब उगती है। इसका तीखापन (10-15 लाख स्कोविल यूनिट) इसे खास बनाता है, और बाज़ार में 500-1000 रुपये किलो तक बिकती है। सॉस, अचार और मसाले के लिए मशहूर इस मिर्च को उगाकर आप मुनाफा कमा सकते हैं। आइए जानते हैं कि डैले मिर्च की खेती कैसे करें।
डैले मिर्च का परिचय
डैले मिर्च का पौधा 2-4 फीट तक बढ़ता है और 3-4 महीने में फल देना शुरू करता है। इसके फल छोटे-गोल होते हैं, शुरू में हरे और पकने पर लाल, पीले या नारंगी हो जाते हैं। एक पौधे से 1-2 किलो मिर्च मिल सकती है। ये गर्म-नम जगहों में खूब फलती है, मगर ठंड भी सह लेती है। गाँव में इसे खेत, बगीचे या गमले में उगा सकते हैं। इसका तीखापन और खुशबू बाज़ार में इसकी कीमत बढ़ाती है।
खेत तैयार करने का तरीका
डैले मिर्च के लिए ऐसी जगह चुनें जहाँ दिन में 5-6 घंटे धूप आए। दोमट या बलुई मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी है, जिसका pH 6-7 हो। खेत में 1 फीट चौड़ी क्यारियाँ बनाएँ और 5-7 किलो गोबर की खाद प्रति वर्ग मीटर डालें। गमले में उगाने के लिए 10-12 इंच का गमला लें, मिट्टी में रेत और खाद मिलाएँ। पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी का ध्यान रखें। फरवरी-मार्च या जून-जुलाई में खेत तैयार करें। मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए हल चलाएँ।
बीज बोने की विधि
डैले मिर्च को बीज से उगाते हैं। ताजे या सूखे फल से बीज निकालें और 24 घंटे पानी में भिगो दें। नर्सरी में 1 इंच गहरा बोएं, हल्का पानी छिड़कें। 10-15 दिन में अंकुर निकल आते हैं। 20-25 दिन बाद पौधे को खेत या गमले में रोपें। पौधों के बीच 1-2 फीट की दूरी रखें। बारिश से पहले (जून-जुलाई) रोपाई करें। नर्सरी से तैयार पौधे भी ले सकते हैं। रोपाई के बाद हल्की मिट्टी चढ़ाएँ।
बीज कहाँ से मिलेंगे
डैले मिर्च के बीज गाँव की नर्सरी या सिक्किम-असम के किसानों से मिल सकते हैं। सरकारी कृषि केंद्र से संपर्क करें, वहाँ सस्ते में बीज उपलब्ध होते हैं। ऑनलाइन नर्सरी लाइव, इंडिया मार्ट या उगाओ.कॉम पर 50-150 रुपये में बीज का पैकेट मिलता है। अगर कोई पहले उगा रहा हो, तो उससे थोड़े बीज माँग लें। बीज लेते वक्त देखें कि वो ताजा और स्वस्थ हों।
देखभाल के आसान नुस्खे
पहले महीने हफ्ते में 2-3 बार पानी दें, मगर मिट्टी को गीला न रखें। बारिश में पानी कम करें। हर 2-3 महीने में गोबर की खाद या नीम की खली डालें। खरपतवार को हाथ से निकालें। कीट (जैसे एफिड्स) से बचाने के लिए नीम का तेल पानी में मिलाकर छिड़कें। गर्मी में हल्की छाया दें। फूल आने पर पौधे को हिलाएँ नहीं, वरना फल कम होंगे।
कटाई का सही समय और फायदा
डैले मिर्च 3-4 महीने में तैयार हो जाती है। फल हरे या लाल होने पर हाथ से तोड़ लें। कटाई सितंबर-नवंबर या मार्च-मई में होती है। एक हेक्टेयर से 5-7 टन मिर्च मिल सकती है। लागत 20-30 हज़ार रुपये (बीज, खाद, मजदूरी) आती है। बिक्री से 5-10 लाख रुपये तक कमाई हो सकती है। सूखी मिर्च का दाम ज्यादा मिलता है। सॉस और अचार बनाकर भी बेच सकते हैं।
जरूरी सावधानियाँ
डैले मिर्च की खेती से छोटी जगह में बढ़िया मुनाफा होता है। ये निर्यात के लिए भी शानदार है। मगर ज्यादा पानी से फंगस लग सकता है। फल तोड़ते वक्त दस्ताने पहनें, क्यूंकि ये बहुत तीखी होती है। सही देखभाल से ये फसल आपकी मेहनत को सोने में बदल देगी।
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