Cotton Mandi Bhav: कपास के भाव ने तोड़े रिकॉर्ड! मंडियों में 8000 रुपये के पार, किसानों के चेहरे खिले

Updated: 19 Jan 2026, 06:27 PM

Cotton Mandi Bhav: देश के कपास उत्पादक राज्यों में इन दिनों किसान भाइयों के चेहरे खिले हुए हैं। कपास के दामों में तेज उछाल आया है और मंडी भाव MSP से काफी ऊपर पहुंच गए हैं। वर्तमान में महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और राजस्थान की प्रमुख मंडियों में कपास का औसत भाव 7200 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है। कुछ जगहों पर तो 8000 रुपये के पार भी भाव देखने को मिल रहे हैं। ये भाव पिछले साल की तुलना में 1000-1500 रुपये ज्यादा हैं और किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।

किसान भाइयों ने बताया कि इस सीजन में उत्पादन थोड़ा कम रहा लेकिन मिलों और निर्यातकों की डिमांड बहुत तेज है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की कीमतें मजबूत हैं और चीन, बांग्लादेश जैसे देशों से खरीद बढ़ी है। भारत में भी टेक्सटाइल मिलों ने स्टॉक बढ़ाना शुरू किया है। MSP 2026-27 के लिए 7121 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ था लेकिन बाजार भाव MSP से 500 से 1000 रुपये ऊपर चल रहे हैं। इससे किसानों को सरकारी खरीद का इंतजार नहीं करना पड़ रहा और वे सीधे मंडी में अच्छे दाम पा रहे हैं।

दाम बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि कपास के दाम बढ़ने के कई कारण हैं। पहला कारण है इस साल उत्पादन में 5-8 प्रतिशत की कमी। कई राज्यों में बारिश अनियमित रही और कीट-रोगों से नुकसान हुआ। दूसरा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की कीमतें ऊपर जाना है। न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज में भाव 85-90 सेंट प्रति पाउंड के आसपास चल रहे हैं। तीसरा कारण घरेलू टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बढ़ती मांग है। त्योहारों के बाद कपड़े की मांग बढ़ी है और मिलें ज्यादा कपास खरीद रही हैं।

महाराष्ट्र में लातूर, परभणी और धाराशिव मंडियों में भाव 7500-7800 रुपये तक पहुंचे हैं। गुजरात के राजकोट और भावनगर में 7400-7700 रुपये के बीच चल रहे हैं। तेलंगाना के आदिलाबाद और निजामाबाद में भाव 7300-7600 रुपये हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी 7200-7500 रुपये के आसपास हैं। कुल मिलाकर ज्यादातर उत्पादक राज्यों में भाव MSP से ऊपर हैं।

किसानों की कमाई और आगे का अनुमान

किसान भाइयों ने बताया कि इस बार 1 एकड़ में 8-10 क्विंटल कपास उत्पादन हुआ है। भाव 7500 रुपये मानकर 1 एकड़ से 60-75 हजार रुपये तक की कमाई हो रही है। लागत 30-40 हजार रुपये रहती है, इसलिए मुनाफा 25-40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच रहा है। कई किसान भाई कहते हैं कि इस साल कपास ने अच्छा मुनाफा दिया और कर्ज कम करने में मदद मिली।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2-3 महीनों तक भाव मजबूत रहेंगे। अगर निर्यात बढ़ा और मिलों की मांग बनी रही तो भाव 8000 रुपये के पार भी जा सकते हैं। लेकिन अगर उत्पादन अगले सीजन में बढ़ा तो भाव में गिरावट आ सकती है।

किसान भाइयों के लिए सलाह और आगे की तैयारी

किसान भाइयों, अगर आपके पास कपास का स्टॉक है तो अभी मंडी में बेच दें क्योंकि भाव अच्छे हैं। सरकारी खरीद केंद्रों पर भी विकल्प देखें। अगर भाव और बढ़ने का अनुमान है तो थोड़ा स्टॉक रख सकते हैं लेकिन ज्यादा जोखिम न लें। अगले सीजन में उन्नत वैरायटी और अच्छी देखभाल से पैदावार बढ़ाएं।

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  • Shashikant

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