गेहूं की फसल अब बालियां बनने और दाने भरने के सबसे महत्वपूर्ण दौर में पहुंच चुकी है। इस समय अगर पौधों को सही पोषक तत्व मिल जाएं तो दाने बड़े, भरे हुए और चमकदार बनते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि NPK (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) और बोरोन का फोलियर स्प्रे (पत्तियों पर छिड़काव) करने से पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और अन्य कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फसल की इस स्टेज पर स्प्रे जरूर करें। कई किसान भाई पहले से ही ये स्प्रे कर रहे हैं और अच्छे रिजल्ट देख रहे हैं।
गेहूं में दाने भरने के समय पौधे को सबसे ज्यादा NPK और सूक्ष्म तत्वों की जरूरत होती है। नाइट्रोजन पत्तियों की हरीतिमा बनाए रखता है, फास्फोरस जड़ों को मजबूत करता है, पोटाश दाने की मिठास और वजन बढ़ाता है। बोरोन फूलों को गिरने से रोकता है और दाने अच्छे भरने में मदद करता है। अगर इनमें से कोई कमी रही तो दाने छोटे, पिचके और कम चमकदार रह जाते हैं।
स्प्रे का सही समय, मात्रा और तरीका
वैज्ञानिकों की सलाह है कि गेहूं में बालियां निकलने से लेकर दाने दूध अवस्था तक (फ्लैग लीफ स्टेज से मिल्क स्टेज) 2-3 बार स्प्रे करें। पहला स्प्रे बालियां निकलने के समय, दूसरा 15-20 दिन बाद और तीसरा दाने भरने के शुरुआती दौर में करें।
स्प्रे के लिए ये मात्रा अपनाएं:
- NPK 19:19:19 या 12:61:00 – 200-250 ग्राम प्रति एकड़ (150-200 लीटर पानी में घोलकर)
- बोरोन (बोरॉन 20%) – 100-150 ग्राम प्रति एकड़
- अगर पोटाश की कमी दिख रही हो तो MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश) या SOP 1-1.5 किलो प्रति एकड़ मिलाएं
स्प्रे हमेशा शाम के समय या बादल वाले दिन करें ताकि धूप में पत्तियां जले नहीं। पानी की मात्रा 150-200 लीटर प्रति एकड़ रखें। स्प्रे पंप अच्छा इस्तेमाल करें ताकि पत्तियों के दोनों तरफ घोल पहुंचे।
स्प्रे से क्या फायदे मिलते हैं
वैज्ञानिकों के ट्रायल में पाया गया है कि NPK + बोरोन स्प्रे से:
- दाने का वजन 15-25% बढ़ता है
- चमक और मिठास बढ़ती है
- फसल लॉजिंग (गिरने) से बचती है
- पैदावार 5-8 क्विंटल प्रति एकड़ तक बढ़ सकती है
कई किसान भाई बता रहे हैं कि स्प्रे करने के बाद दाने बड़े और भरे हुए आए हैं। बाजार में ऐसे गेहूं के दाम भी अच्छे मिलते हैं।
अन्य जरूरी सावधानियां और टिप्स
स्प्रे के साथ-साथ खेत में जल निकास अच्छा रखें। ज्यादा पानी न दें। अगर पत्तियां पीली पड़ रही हैं तो यूरिया की हल्की टॉप ड्रेसिंग करें। रोगों पर नजर रखें – अगर रतुआ या झुलसा दिखे तो अलग से फफूंदनाशक स्प्रे करें। खेत साफ रखें और खरपतवार निकालते रहें। किसान भाइयों, गेहूं की फसल अब निर्णायक दौर में है। NPK और बोरोन का स्प्रे करके आप पैदावार को मजबूत बना सकते हैं।
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