किसान भाइयों के लिए सर्दियों का मौसम सोयाबीन की खेती का बढ़िया समय है। गर्मियों की तुलना में सर्दियों में सोयाबीन की खेती से कम पानी लगता है, कीट-रोग कम लगते हैं और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। नवंबर-दिसंबर में बुवाई करने से फसल फरवरी-मार्च में तैयार हो जाती है, जब सोयाबीन के दाम 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाते हैं। कई किसान इस ऑफ-सीजन खेती से 1 एकड़ में 1.5 से 2 लाख रुपये तक कमा रहे हैं।
सोयाबीन की खेती में सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये कम पानी वाली फसल है। सर्दियों में बरसात कम होती है लेकिन ठंडी हवाएं और कम तापमान से फसल अच्छी बढ़ती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सही वैरायटी और समय पर देखभाल से पैदावार 20-25 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है। लागत भी 25-35 हजार रुपये प्रति एकड़ रहती है। अगर दाम अच्छे मिले तो मुनाफा 1 लाख से ज्यादा आसानी से हो जाता है।
सर्दियों में सोयाबीन की खेती का सही समय और वैरायटी
सोयाबीन की बुवाई नवंबर के दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते तक कर लें। ज्यादा देर करने पर ठंड से फसल प्रभावित हो सकती है। उन्नत वैरायटी चुनें जैसे NRC 37, JS 93-05, JS 335 या पूसा 9712। ये वैरायटी ठंड सहन करती हैं और पैदावार ज्यादा देती हैं। बीज की मात्रा 25-30 किलोग्राम प्रति एकड़ रखें। बुवाई से पहले बीज को राइजोबियम कल्चर से उपचारित करें ताकि जड़ों में गांठें अच्छी बनें और नाइट्रोजन फिक्सेशन हो।
खेत की अच्छी जुताई करें। 8-10 टन गोबर खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। बुवाई के लिए 30-45 सेंटीमीटर की दूरी रखें। पंक्तियों में बुवाई करें ताकि निराई और सिंचाई आसान हो।
मल्चिंग और सिंचाई से पैदावार दोगुनी
सोयाबीन की खेती में मल्चिंग बहुत फायदेमंद है। बुवाई के बाद पंक्तियों के बीच सूखा पुआल या भूसा 3-4 इंच मोटी परत में बिछा दें। इससे खरपतवार नहीं उगते, मिट्टी में नमी लंबे समय तक रहती है और सिंचाई की जरूरत 40-50 प्रतिशत कम हो जाती है। कई किसान भाई प्लास्टिक मल्चिंग भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पैदावार और बेहतर मिलती है।
सिंचाई का खास ध्यान रखें। पहली सिंचाई बुवाई के 20-25 दिन बाद करें। फूल आने पर और फली बनने पर हल्की सिंचाई जरूरी है। ज्यादा पानी न दें वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
रोग और कीट से बचाव के आसान उपाय
सर्दियों में सोयाबीन पर येलो मोज़ेक वायरस और फली बोरर का खतरा रहता है। शुरुआत में नीम तेल या नीम आधारित कीटनाशक का छिड़काव करें। अगर वायरस दिखे तो प्रभावित पौधों को उखाड़कर जला दें। फली बोरर के लिए क्विनालफॉस या क्लोरपाइरीफॉस का इस्तेमाल करें। फफूंद रोग से बचने के लिए कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा का छिड़काव करें।
बाजार में दाम और कमाई का अनुमान
सर्दियों में तैयार सोयाबीन मार्च-अप्रैल में बाजार में आता है, जब डिमांड सबसे ज्यादा होती है। भाव 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलते हैं। 1 एकड़ में 20-25 क्विंटल उत्पादन होने पर कमाई 80 हजार से 1.25 लाख तक हो सकती है। लागत 25-35 हजार रुपये रहती है। मुनाफा 50-90 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आसानी से हो जाता है।
ये भी पढ़ें- बाजारों में छाया इस खास वैरायटी का बैंगन! बंपर पैदावार से किसानों को तीन गुना मुनाफा