खरीफ से पहले खाद की ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती! यूपी सरकार ने जारी किया शिकायत नंबर

उत्तर प्रदेश के किसान भाई खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुटे हैं, और इस बार सरकार ने उर्वरकों की कमी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए यूरिया और फॉस्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक तैयार है। साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी और दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यूपी सरकार का मकसद है कि हर किसान को समय पर और सही दाम पर उर्वरक मिले, ताकि उनकी फसल लहलहाए और कमाई बढ़े।

यूरिया और डीएपी का बंपर स्टॉक

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में 15.96 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.87 लाख मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक मौजूद है। ये मात्रा प्रदेश के सभी किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। लखनऊ, कानपुर, बरेली, गोरखपुर, और अयोध्या समेत यूपी के सभी 18 मंडलों में अभी और आने वाले समय की मांग के लिए उर्वरक उपलब्ध हैं। मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत के हिसाब से ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक स्टॉकिंग से बचें, ताकि हर किसान को आसानी से उर्वरक मिल सके।

कालाबाजारी और दुरुपयोग पर सख्ती

उर्वरकों की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए यूपी सरकार पूरी तरह सतर्क है। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उर्वरकों की सप्लाई पर नजर रख रही है। जिला मजिस्ट्रेटों को खास निर्देश दिए गए हैं कि वे सीमावर्ती जिलों में छापेमारी करें और कालाबाजारी, ज्यादा कीमत वसूलने, या अवैध टैगिंग को रोकें। सब्सिडी वाले नीम-लेपित यूरिया का दुरुपयोग, जैसे कि प्लाईवुड, पेंट, या पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल, करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और सख्त सजा दी जाएगी। मंत्री ने साफ कहा कि किसानों के हक को कोई नहीं छीन सकता।

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भ्रामक ब्रांड नामों से सावधान

कई बार किसान कुछ खास ब्रांड नामों, जैसे भारत यूरिया या भारत डीएपी, के चक्कर में पड़ जाते हैं। कृषि मंत्री ने साफ किया कि सभी स्वीकृत उर्वरक ब्रांड सरकार के गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। किसी खास ब्रांड के पीछे न भागें, बल्कि अपने खेत की जरूरत के हिसाब से उर्वरक चुनें। इससे न सिर्फ आपका पैसा बचेगा, बल्कि फसल को सही पोषण भी मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि किसानों को सही जानकारी मिले और वे भ्रम से बचें।

उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी पर शिकायत

कभी-कभी उर्वरक विक्रेता किसानों पर अतिरिक्त उत्पाद खरीदने का दबाव डालते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो, तो बिना डरे शिकायत करें। कृषि मंत्री ने बताया कि किसान अपनी शिकायत जिला कृषि कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, उर्वरक नियंत्रण कक्ष के नंबर 0522-2209650 पर कॉल करके भी अपनी समस्या बता सकते हैं। सरकार ने वादा किया है कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के हित में हर कदम उठा रही है। खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की बंपर उपलब्धता और कालाबाजारी पर सख्ती इसका सबूत है। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर और सही दाम पर उर्वरक मिले। तो भाईयों, अपने खेतों को तैयार करें, जरूरत के हिसाब से उर्वरक खरीदें, और खरीफ फसलों की बुवाई शुरू करें। अगर कोई दिक्कत आए, तो तुरंत शिकायत करें।

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