MP में 6 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से शुरू होगी सोयाबीन की बिक्री

Updated: 18 Oct 2025, 08:24 AM

मध्य प्रदेश के सोयाबीन उगाने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। इस साल भारी बारिश ने फसल की गुणवत्ता पर बुरा असर डाला है, जिससे मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलने की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन राज्य सरकार ने पुरानी भावांतर योजना को फिर से शुरू कर दिया है। इस योजना से किसानों को बाजार की कम कीमत और एमएसपी के बीच का फर्क सरकार भरेगी। 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की बिक्री होगी, और अब तक 6 लाख से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाएगा और खरीफ सीजन की मेहनत का पूरा इनाम देगा।

भावांतर योजना का उद्देश्य और लाभ

यह योजना सोयाबीन जैसे तिलहन फसलों के किसानों को मंडियों में गिरते दामों से बचाने के लिए लाई गई है। अगर बाजार में सोयाबीन का भाव एमएसपी के 5328 रुपये प्रति क्विंटल से कम रहता है, तो अंतर की राशि किसानों के बैंक खातों में 15 दिनों के अंदर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से पहुँच जाएगी।

किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने बताया कि कीमत का मॉडल रेट राज्य की 300 मंडियों में पिछले 14 दिनों की बिक्री के औसत पर तय होगा। योजना के तहत बिक्री सिर्फ अधिसूचित कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) में ही मान्य होगी। मध्य प्रदेश देश के सोयाबीन उत्पादन का 35 प्रतिशत से ज्यादा योगदान देता है, इसलिए यह योजना लाखों किसानों की जिंदगी बदल सकती है।

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2017 वाली योजना की यादें, अब नई शुरुआत

मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार 2017 में भावांतर भुगतान योजना शुरू की थी, जो सोयाबीन, मूंगफली और अरहर जैसी आठ फसलों पर लागू थी। उस समय व्यापारियों की हेराफेरी और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से योजना पर सवाल उठे थे। लेकिन अब सबक लेते हुए नई व्यवस्था में एग्री-स्टैक्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। इससे किसानों को डिजिटल आईडी मिलेगी, जिसमें उनकी जमीन, फसल और अन्य जानकारी दर्ज होगी। यह पारदर्शिता बढ़ाएगा और किसानों को तुरंत लाभ पहुँचाएगा। वरवड़े ने कहा कि पहले चरण में 58 रजिस्ट्रेशन केंद्र शुरू हुए थे, लेकिन किसानों की मांग पर इन्हें बढ़ाकर 78 कर दिया गया है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें

योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब किसान पोर्टल पर रजिस्टर होंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद ही डीबीटी से पैसे आएँगे। अब तक लाखों किसान इसमें शामिल हो चुके हैं, और सरकार अपील कर रही है कि बाकी भी जल्द रजिस्टर कर लें। रजिस्ट्रेशन के लिए सहकारी समितियों या नजदीकी केंद्रों पर जाएँ। योजना सोयाबीन किसानों के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि बारिश से प्रभावित फसल के बावजूद एमएसपी का समर्थन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और तिलहन उत्पादन को नई गति मिलेगी।

मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसान भाई, यह योजना आपकी मेहनत को सच्चा सम्मान देगी। 24 अक्टूबर से बिक्री शुरू हो रही है, तो रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। अगर बाजार भाव कम रहते हैं, तो सरकार आपका साथ देगी। स्थानीय कृषि केंद्र से संपर्क करें और योजना का पूरा फायदा उठाएँ। यह कदम न सिर्फ इस सीजन को बचाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों में खेती को और मजबूत बनाएगा।

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