नकली खाद-बीज से छुटकारा शिवराज सिंह ने किया बड़ा ऐलान, बजट सत्र में आएगा नया बिल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के बीड जिले में ग्लोबल विकास ट्रस्ट (जीवीटी) के कृषिकुल सिरसला में 20,000 किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नकली खाद, बीज और कीटनाशक से छुटकारा दिलाने के लिए आगामी बजट सत्र में नया बिल लाया जाएगा। यह कदम किसानों को नकली उत्पादों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अत्यधिक बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, ऐसे में यह घोषणा किसानों के लिए राहत की सांस बन सकती है।

मंत्री ने कार्यक्रम से पहले किसानों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की। कई किसानों ने अपनी मेहनत और नए तरीकों के अनुभव साझा किए। रेशम की खेती, प्राकृतिक खेती और जल संचय के तरीके जैसे नवाचारों ने उनके जीवन में बदलाव लाया है। शिवराज सिंह ने जीवीटी की टीम की तारीफ की और कहा कि इन प्रयोगों को अन्य गांवों तक पहुँचाने की जरूरत है। उनका मकसद साफ है किसानों की आय बढ़ाना और आत्महत्या जैसे कदमों को रोकना। कृषि मंत्रालय के अनुसार, पिछले पांच साल में किसानों की आय में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है, लेकिन नकली उत्पादों की समस्या अब भी बनी हुई है।

किसान हैं अन्नदाता, सरकार करेगी हर संभव मदद

शिवराज सिंह ने 20,000 किसानों के सामने कहा कि किसान सिर्फ खेत जोतने वाला नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत वैज्ञानिक खेतों में जाकर किसानों को नई तकनीक और बीज की जानकारी दे रहे हैं। गुणवत्ता वाले बीज सुनिश्चित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे परिवार और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। लेकिन चिंता न करें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मुआवजा देगी।

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इस साल की बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार तुरंत राहत राशि देगी। इसके अलावा, एनडीआरएफ फंड से भी मदद मिलेगी। अगर राज्य विशेष राहत पैकेज माँगता है, तो केंद्र उसे मंजूरी देगा। फसल बीमा योजना के तहत हर पाई का मुआवजा सुनिश्चित होगा। मंत्री ने दिल्ली में बीमा कंपनियों के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि ‘क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट’ से नुकसान का आकलन होगा और राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी। कुछ किसानों को 1-2 रुपये का बीमा क्लेम मिलने की शिकायत थी, इसे ठीक करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई बीज किस्में

जलवायु परिवर्तन की चुनौती को स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा कि अनियमित बारिश और सूखे से बचाव के लिए ऐसी बीज किस्में चाहिए, जो पानी और सूखे दोनों में टिकाऊ हों। इसके लिए शोध तेज किया जा रहा है। साथ ही, उर्वरक सब्सिडी को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे किसानों के खाते में भेजने की योजना है। यह कदम नकली खाद की समस्या को कम करेगा। मंत्री ने चेतावनी दी कि अत्यधिक रासायनिक खाद से जमीन की उर्वरता घट रही है, इसलिए प्राकृतिक और गौ-आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

शिवराज सिंह ने किसानों को खेती के नए रास्ते अपनाने की सलाह दी। फल, फूल, सब्जियाँ और कृषि वानिकी जैसे विकल्पों से आय बढ़ सकती है। छोटे जोत वाले किसानों के लिए मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन और पशुपालन भी फायदेमंद हो सकता है। बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए उन्होंने दो तरीके सुझाए—पहला, पूरा गाँव एकजुट होकर सीधे व्यापारियों से बिक्री करे, और दूसरा, गाँव में ही प्रोसेसिंग यूनिट बनाएँ। इसके लिए वे खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान के साथ मिलकर काम करेंगे।

जल संचय और आवास योजना से मजबूत होगी खेती

जल संचय को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने बताया कि सूखाग्रस्त इलाकों में मनरेगा के 65 फीसदी फंड से जल संरक्षण पर काम होगा। एकीकृत खेती से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत महाराष्ट्र में अब तक 30 लाख घर बनाए गए हैं। नए सर्वे के बाद और पात्र परिवारों को घर देने की राशि जारी होगी। यह कदम किसानों के जीवन स्तर को बेहतर करने की दिशा में है।

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