खीरा की बंपर पैदावार चाहिए? ‘काशी नूतन’ वैरायटी लगाएं, कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा

Kashi Nutan Cucumber: खीरा एक ऐसी सब्जी है जो गर्मियों में हर घर की थाली में जगह बनाती है। सलाद हो या रायता, खीरा के बिना अधूरा लगता है। किसान भाइयों के लिए भी यह फसल बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसे उगाना आसान है, जल्दी तैयार होती है और बाजार में हमेशा अच्छा भाव मिलता है। लेकिन अच्छी पैदावार के लिए सबसे जरूरी है सही वैरायटी का चुनाव। आज हम बात करेंगे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा विकसित हाई यील्डिंग वैरायटी ‘काशी नूतन’ की, जो खीरे की खेती को नई ऊँचाई दे रही है।

‘काशी नूतन’ वैरायटी की खासियतें

यह वैरायटी विशेष रूप से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए विकसित की गई है। इसके फल लंबे, सीधे, गहरे हरे रंग के और चमकदार होते हैं। एक फल का औसत वजन 120-150 ग्राम होता है और लंबाई 18-22 सेमी तक पहुँच जाती है। फल का गूदा क्रिस्पी और स्वाद में हल्का मीठा होता है, जिस वजह से बाजार में इसकी डिमांड बहुत ज्यादा रहती है।

इस वैरायटी की सबसे बड़ी खूबी है इसकी उच्च पैदावार। एक एकड़ में 180-200 क्विंटल तक उत्पादन आसानी से लिया जा सकता है। फसल 45-50 दिन में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है और 80-90 दिन तक लगातार फल देती रहती है। पौधा मजबूत होता है और वायरस रोगों के प्रति अच्छी सहनशीलता रखता है। गर्मी में भी यह वैरायटी अच्छा प्रदर्शन करती है।

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बुवाई और देखभाल के आसान टिप्स

खीरा की बुवाई फरवरी से जून तक की जा सकती है, लेकिन मार्च-अप्रैल सबसे अच्छा समय है। बीज को नर्सरी में बोकर 12-15 दिन बाद पौध तैयार कर लें या सीधे खेत में भी बो सकते हैं। दो पौधों के बीच 60-75 सेमी और कतारों के बीच 1.5-2 मीटर की दूरी रखें। मिट्टी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए।

बुवाई से पहले खेत में 8-10 टन गोबर की खाद प्रति एकड़ अच्छी तरह मिला दें। पहली सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करें। बाद में हर 5-7 दिन में हल्की सिंचाई करते रहें। फल आने शुरू होने पर एनपीके 19:19:19 का स्प्रे करें तो फल का आकार और चमक दोनों बढ़ती है। कीटों से बचाव के लिए नीम आधारित दवा का छिड़काव समय-समय पर करें।

बाजार में क्यों पसंद की जाती है ‘काशी नूतन’

इस वैरायटी के खीरे देखने में बहुत आकर्षक होते हैं एक समान आकार, चमकदार त्वचा और अंदर से क्रिस्पी। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर जैसे बड़े बाजारों में यह आसानी से 20-30 रुपये किलो तक बिक जाता है। ट्रांसपोर्ट में भी कम नुकसान होता है क्योंकि फल मजबूत होते हैं। कई किसान भाई बताते हैं कि इस वैरायटी से पहले वाली वैरायटी की तुलना में 30-40 प्रतिशत ज्यादा कमाई हुई है।

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NSC की जानकारी

‘काशी नूतन’ के प्रमाणित और गुणवत्ता वाले बीज नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSC) से आसानी से मिल जाते हैं। NSC भारत सरकार का उपक्रम है जो किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराता है। यह वैरायटी NSC के न्यू दिल्ली केंद्र से उपलब्ध है।

वर्तमान में NSC का 5 ग्राम का सीड पैक सिर्फ 40 रुपये में उपलब्ध है। पैक पर QR कोड दिया गया है जिसे स्कैन करके आप ऑनलाइन स्टोर से सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। लिंक है: https://mystore.in/en/product/nsc-cucumber-kashi-nutan?seller=66f1137f5521b8011f83db31

NSC के बीज हमेशा प्रमाणित होते हैं, अंकुरण दर उच्च होती है और वैरायटी की शुद्धता बनी रहती है। कई किसान भाई NSC के बीजों पर ही भरोसा करते हैं क्योंकि नकली बीज की समस्या से बचाव रहता है।

इस गर्मी में अगर आप खीरा लगाने की सोच रहे हैं तो ‘काशी नूतन’ जरूर ट्राई करें। कम लागत, कम मेहनत और ज्यादा मुनाफा यही इस वैरायटी का वादा है। अभी बीज ऑर्डर करें और बंपर पैदावार की तैयारी शुरू कर दें।

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