MP में धान पंजीयन की डेडलाइन बढ़ी, अब किसान इस तारीख तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। धान उपार्जन के लिए पंजीयन की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। अब जो किसान भाई अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए, वे 6 नवंबर 2025 तक यह काम पूरा कर सकते हैं। सरकार का मकसद साफ है, कोई भी किसान MSP का लाभ न छोड़े और अपनी फसल उचित दाम पर बेच सके।

यह फैसला खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो इंटरनेट की दिक्कत, बारिश या दूसरी परेशानी की वजह से पहले समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए। अब उनके पास पूरा मौका है कि सरकारी खरीद में अपनी फसल शामिल करें और अच्छा दाम पाएं।

16 जिलों के किसानों को फायदा

यह छूट राज्य के 16 जिलों में लागू होगी। इनमें डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना शामिल हैं। इन इलाकों के किसान अब अपने नजदीकी पंजीयन केंद्र पर जाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आधार कार्ड, खेत के कागज और बैंक पासबुक साथ ले जाना होगा।

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सरकार ने यह कदम ‘किसान कल्याण का प्रण’ अभियान के तहत उठाया है। मकसद यही है कि कोई किसान मजबूरी में बाजार में सस्ते में धान न बेचे। MSP पर बिक्री से आमदनी बढ़ेगी और परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा।

पंजीयन कैसे करें

किसान भाई तीन तरीकों से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पहला, नजदीकी पंजीयन केंद्र पर जाकर। दूसरा, ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन। तीसरा, गांव के कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर। सभी दस्तावेज जमा करने के बाद एक रसीद मिलेगी। उसी रसीद के आधार पर धान उपार्जन केंद्र पर बेच सकेंगे।

यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है और सरकार ने साफ कहा है कि कोई दलाल बीच में न आए। सीधे किसान और सरकार का संपर्क रहेगा।

हजारों किसानों की मुश्किल हुई आसान

इस फैसले से हजारों किसानों को सीधी राहत मिली है। खरीफ का धान खेत में तैयार है और अब रजिस्ट्रेशन का डर नहीं रहा। सरकार कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में लगी है। खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है ताकि किसान आत्मनिर्भर बने।

मध्यप्रदेश के किसान भाइयों से बात की तो वे खुश हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी सुनी और समय पर फैसला लिया। अब 6 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन कराएं, धान बेचें और MSP का पूरा लाभ लें। मौका हाथ से न जाने दें।

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  • Shashikant

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