अब शुगर मरीज भी खा सकेंगे चावल आई धान की खास वैरायटी, यहाँ से सस्ते में ख़रीदे ऑनलाइन बीज

Paddy RNR 15048 Variety: देशभर के किसान खरीफ सीजन की तैयारी में जुट गए हैं, और धान की खेती उनकी सबसे बड़ी फसल है। जून के आखिर से कई राज्यों में धान की बुवाई शुरू हो चुकी है। धान को खूब पानी चाहिए, और भारत में ये फसल इतनी अहम है कि ये चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धान उत्पादक देश है। चावल तो हमारे घर-घर का मुख्य भोजन है।

ऐसे में अगर आप इस खरीफ सीजन में धान की उन्नत किस्म RNR-15048 के बीज खरीदना चाहते हैं, तो अब आपको बाज़ार के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) इन बीजों को ऑनलाइन बेच रहा है, वो भी छूट के साथ। आइए जानते हैं कि आप घर बैठे ये बीज कैसे मंगवा सकते हैं, इसकी खासियत क्या है, और धान की खेती कैसे करें।

RNR-15048 की खासियत- Paddy RNR 15048 Variety

RNR-15048 धान की किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों ने खास तौर पर तैयार किया है। इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 51.0 से 51.72 के बीच है, जो इसे लो-GI चावल बनाता है। ये चावल खाने से ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता, जिससे ये सेहतमंद विकल्प है। इसकी पतली और बारीक बनावट इसे सुपर फाइन राइस की श्रेणी में लाती है। बाजार में इसकी माँग बढ़ रही है, क्योंकि ये स्वाद में भी बेहतरीन है। इसे तेलंगाना सोना या डायफिट धान के नाम से भी जाना जाता है।

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उच्च उपज और रोग प्रतिरोधक क्षमता

RNR-15048 की सबसे बड़ी खासियत इसकी उच्च उपज है। ये किस्म प्रति हेक्टेयर अच्छी पैदावार देती है, और इसका हेड राइस रिकवरी रेट 67% से ज्यादा है, जो व्यापारियों के लिए फायदेमंद है। ये धान ब्लास्ट रोग के प्रति प्रतिरोधी है, जिससे फसल को नुकसान का खतरा कम रहता है। देर से बुवाई के लिए भी ये किस्म उपयुक्त है, जो उन किसानों के लिए लाभकारी है जो मौसम की मार से प्रभावित होते हैं। NSC इसकी 25 किलो की पैकिंग में सर्टिफाइड बीज उपलब्ध करा रहा है, जिसकी कीमत 625 रुपये है।

खेती का आसान तरीका

RNR-15048 की खेती के लिए खेत की तैयारी आसान है। प्रति वर्ग मीटर 44 हिल्स की दर से 4-6 पत्ती वाले पौधों को 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर लगाना चाहिए। प्रत्येक हिल में 2-3 पौधे होने चाहिए। थोड़ा खारा मिट्टी वाले क्षेत्रों में नन्हे पौधों की रोपाई से बचना चाहिए। सही जल प्रबंधन से इसकी खेती में कई फायदे मिलते हैं, जैसे बेहतर टिलरिंग, पोषक तत्वों का सही उपयोग, और खरपतवार की वृद्धि में कमी। ये किस्म कम समय में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को जल्दी फसल मिलती है।

सेहत और स्वाद का संगम

RNR-15048 धान से तैयार चावल न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसकी लो-GI खासियत इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए मुफीद बनाती है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा, और विटामिन B3 की मात्रा अच्छी होती है। इसका अनूठा स्वाद और पतली बनावट इसे शहरी मध्यम वर्ग की पहली पसंद बनाती है। बाजार में इसकी अच्छी माँग के कारण किसानों को बेहतर कीमत मिलती है। इसे ब्राउन राइस के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में लोकप्रिय है।

NSC का खास ऑफर

नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन ने RNR-15048 के बीज को बढ़ावा देने के लिए एक शानदार ऑफर शुरू किया है। 2 पैक (25 किलो प्रत्येक) बीज खरीदने पर एक जैकेट मुफ्त दी जा रही है। ये ऑफर 26 मई 2025 तक उपलब्ध है। NSC के मुताबिक, ये बीज सर्टिफाइड और उच्च गुणवत्ता वाले हैं। इन्हें ऑनलाइन मायस्टोर (mystore.in) के जरिए खरीदा जा सकता है। NSC का मकसद किसानों तक उन्नत बीज पहुँचाना और उनकी आय बढ़ाना है। ये बीज मायसोर के NSC केंद्र से भेजे जा रहे हैं.

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