किसान भाइयों करें गुलाबी मूली की खेती, मंडियों में रहती है जबरदस्त डिमांड, जानें कहां से खरीदें बीज

इस सर्दी अपने बगीचे या खेत में पुषा गुलाबी मूली उगाएं और सेहत व मुनाफे दोनों का फायदा उठाएं। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन (NSC) लिमिटेड कि यह मूली सलाद और खाना के लिए बेस्ट है। इसका गुलाबी रंग और मीठा-तेज स्वाद इसे खास बनाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और फाइबर हैं, जो कब्ज, पाचन और इम्यूनिटी को बेहतर करते हैं। मैंने कई किसानों से सुना कि यह सर्दियों में बाजार में अच्छा दाम 20-30 रुपये प्रति किलो पाती है।

पुषा गुलाबी मूली के फायदे

यह मूली न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। गुलाबी रंग एंथोसायनिन से आता है, जो हृदय रोग और सूजन से बचाव करता है। इसके कुरकुरे दाने सलाद, सूप या अचार के लिए बढ़िया हैं। डायबिटीज और वजन नियंत्रण में भी मददगार है। प्रति एकड़ 80-100 क्विंटल उपज संभव है, जो छोटे किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है। NSC के बीज रोग प्रतिरोधक हैं, जिससे फसल बर्बाद होने का डर कम रहता है।

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खेती की पूरी प्रक्रिया

पुषा गुलाबी मूली की खेती आसान है। सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर में बुवाई करें, क्योंकि यह ठंड में अच्छी बढ़ती है। दोमट या बलुई मिट्टी चुनें, जहां पानी जमा न हो। खेत की गहरी जुताई करें और 10-15 टन गोबर खाद मिलाएं। बीज को 1/4 इंच गहराई पर और 1 इंच दूरी पर बोएं। कतारों के बीच 12 इंच और पौधों के बीच 4 इंच जगह रखें। अंकुरण के लिए हल्की सिंचाई करें, लेकिन ज्यादा पानी न दें। 50-60 दिन में मूली कटाई के लिए तैयार हो जाती है। खरपतवार हटाएं और कीटों से बचाव के लिए नीम का तेल इस्तेमाल करें। अनुभव से कहूं तो, जैविक खाद से स्वाद और पैदावार दोनों बढ़ते हैं।

बीज कहां से खरीदें?

NSC-पूर्णिया से 100 ग्राम बीज पैक सिर्फ ₹67 में मिल रहा है। इसे NSC की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.mystore.in से ऑर्डर करें। अगर ऑनलाइन दिक्कत हो, तो नजदीकी NSC सेंटर या कृषि मंडी में पूछें। सरकारी सब्सिडी के लिए स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें। यह बीज ‘ट्रुथफुल सीड्स’ क्वालिटी का है, जो उपज की गारंटी देता है।

प्रति एकड़ 80-100 क्विंटल उपज से 1.5-2 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है, लागत 30-40 हजार। सर्दियों में शहरी बाजारों में मांग बढ़ने से दाम और अच्छे मिलते हैं।

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