फरवरी का महीना आते ही लोगों को गुलाब की याद आने लगती है। वैलेंटाइन डे के समय लाल गुलाब की मांग अचानक बढ़ जाती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले फूल कई बार ताजे नहीं होते। ऐसे में अगर घर के गमले या बगीचे में लगा गुलाब का पौधा ही अच्छे फूल देने लगे, तो बात ही अलग होती है। कई बार पौधा तो लगा रहता है, लेकिन उस पर फूल कम आते हैं या कली बनकर मुरझा जाती है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर पौधे की सेहत सुधारी जा सकती है।
कम मेहनत में पौधा रहेगा हरा-भरा
गृह विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के मौसम में गुलाब के पौधे को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती, बस मिट्टी और पोषण पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी होता है। सही पोषण मिलने पर पौधा हरा-भरा रहता है और उस पर फूलों की संख्या बढ़ जाती है। घर पर तैयार किया गया हल्का पोषक घोल पौधे की बढ़वार में मदद कर सकता है।
आलू और नींबू से बना घरेलू घोल
गुलाब हल्की अम्लीय मिट्टी में बेहतर बढ़ता है। इसी वजह से नींबू का हल्का घोल फायदेमंद माना जाता है। वहीं आलू में मौजूद स्टार्च और अन्य तत्व मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की सक्रियता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जिससे पौधे की जड़ों को पोषण मिलना आसान हो जाता है। इन दोनों चीजों से तैयार किया गया घरेलू घोल गुलाब के पौधे की बढ़वार को सहारा दे सकता है और फूल आने की प्रक्रिया को मजबूत कर सकता है।
इस घोल को तैयार करने के लिए कच्चे आलू के छोटे टुकड़े पानी में कुछ दिनों तक भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद इस पानी में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पौधों पर हल्का छिड़काव किया जाता है। यह घोल मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करता है और पौधे की पत्तियां भी हरी-भरी बनी रहती हैं।
छिड़काव का सही समय जरूरी
गुलाब के पौधों पर किसी भी तरह का घोल तेज धूप में नहीं डालना चाहिए। सुबह या शाम का समय बेहतर माना जाता है, जब धूप कम हो। कुछ दिनों के अंतर से हल्का छिड़काव करने पर पौधे की सेहत में सुधार दिख सकता है। नियमित देखभाल, हल्की गुड़ाई और समय पर पानी देने के साथ यह उपाय अपनाने से फरवरी में गुलाब के पौधे पर ज्यादा कली और फूल आ सकते हैं।
अगर पौधा पहले से लगा है और आप चाहते हैं कि खास मौके पर उसी पौधे के ताजे फूल काम आएँ, तो मिट्टी की सेहत और पोषण पर ध्यान देना ही सबसे बड़ा उपाय है। सही देखभाल से घर का गुलाब भी बाजार के फूलों से ज्यादा ताजगी दे सकता है।