रतलाम मंडी में सोयाबीन की खरीदी शुरू! किसानों को मिले 5,001 रुपये तक भाव, MSP पर गारंटी तय

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सोयाबीन किसानों के लिए खुशहाल दिनों की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर भावांतर भुगतान योजना के तहत 24 अक्टूबर 2025 से सोयाबीन की खरीदी शुरू हो चुकी है। रतलाम कृषि मंडी और जिले की अन्य मंडियों में पूजन के साथ खरीदी की शुरुआत हुई, और मुहूर्त नीलामी में ग्राम नगरा के किसान तूफान सिंह को 5,001 रुपये प्रति क्विंटल का अधिकतम भाव मिला।

यह भाव बाजार की उतार-चढ़ाव से ऊपर है, लेकिन केंद्र सरकार के निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,328 रुपये प्रति क्विंटल से कम होने पर राज्य सरकार अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में डालेगी। इससे किसानों में जबरदस्त उत्साह है, और जिले भर में हजारों टन सोयाबीन बिक्री के लिए पहुँच रहा है।

भावांतर योजना: MSP की पूरी गारंटी

भावांतर योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सोयाबीन जैसे प्रमुख तिलहन फसल पर केंद्रित है। खरीफ 2025-26 सत्र के लिए केंद्र ने सोयाबीन का MSP 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल के 4,892 रुपये से 436 रुपये अधिक है। रतलाम मंडी में शुरुआती भाव 4,800 से 5,001 रुपये के बीच रहे, लेकिन योजना के तहत अगर मंडी भाव MSP से कम रहता है, तो अंतर की राशि (जैसे 327 रुपये प्रति क्विंटल) किसान को 15-30 दिनों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से मिल जाएगी।

रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक MP e-Uparjan पोर्टल, CSC केंद्रों या MP Kisan ऐप पर हुआ, जिसमें करीब 62,000 सोयाबीन किसानों ने नाम दर्ज कराया। खरीदी 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक चलेगी, और जिले में 1.50 लाख से अधिक किसानों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। यह योजना बाजार की अनिश्चितता से किसानों को बचाती है, खासकर जब सोयाबीन की कीमतें वैश्विक बाजार के कारण गिरती हैं।

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रतलाम मंडी में खरीदी की शुरुआत

रतलाम मंडी में खरीदी की शुरुआत पारंपरिक पूजन के साथ हुई, जिसमें स्थानीय किसानों ने दीप जलाकर शुभकामनाएँ दीं। मुहूर्त नीलामी में तूफान सिंह को 5,001 रुपये का भाव मिलना किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बना। कलेक्टर मिशा सिंह ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया उनके सतत मार्गदर्शन में चल रही है। सभी अनुभागीय अधिकारी, तहसीलदार, मंडी सचिव और कृषि विभाग के कर्मचारी मंडियों का दौरा कर रहे हैं, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।

जिला स्तर पर किसान सहायता केंद्र (फोन: 07412-299061) स्थापित किया गया है, जहाँ किसान कागजी कार्रवाई, भाव की जानकारी और योजना के लाभ के लिए संपर्क कर सकते हैं। एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम आर्ची हरित, उपसंचालक कृषि नीलम चौहान, मंडी सचिव लक्ष्मी भवर और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर जैसे अधिकारियों ने मौके पर उपस्थिति दर्ज कराई। शुरुआती दो दिनों में ही सैकड़ों किसानों ने अपनी उपज बेची, और भाव 4,900-5,001 रुपये के बीच रहे।

सोयाबीन किसानों के लिए व्यावहारिक लाभ

रतलाम मंडी मध्य प्रदेश का एक प्रमुख सोयाबीन व्यापार केंद्र है, जहाँ जिले के 70% से अधिक किसान इस फसल पर निर्भर हैं। भावांतर योजना से न केवल MSP की गारंटी मिल रही है, बल्कि किसानों की लागत (बीज, खाद, मजदूरी) भी कवर हो रही है। उदाहरण के लिए, अगर मंडी भाव 4,800 रुपये रहता है, तो 528 रुपये का अंतर सरकार देगी। इससे छोटे किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी। हाल के वर्षों में सोयाबीन की पैदावार में 10-15% की वृद्धि हुई है, लेकिन कीमतों की अस्थिरता समस्या बनी हुई थी।

योजना का विस्तार और किसानों की अपेक्षाएँ

भावांतर योजना सोयाबीन के अलावा अन्य फसलों पर भी विस्तार की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपील की है कि वे रजिस्ट्रेशन समय पर करवाएँ और मंडी पहुँचें। अगर भाव कम रहते हैं, तो योजना का पूरा लाभ लें। जिले में 61,970 से अधिक किसान पहले ही जुड़ चुके हैं, और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए डिजिटल निगरानी हो रही है। किसान भाइयों, अगर आपकी फसल तैयार है, तो नजदीकी मंडी या सहायता केंद्र से संपर्क करें। यह योजना न केवल आर्थिक सुरक्षा देगी, बल्कि सोयाबीन उत्पादन को और बढ़ावा भी।

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