उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक छोटे से गांव ने आज कृषि जगत में नई उम्मीद जगाई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम डुमरीखुर्द में ग्राम चौपाल लगाकर सैकड़ों किसानों से सीधा संवाद किया। यह आयोजन शनिवार को हुआ, जिसमें किसान भाईयों के अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और पंचायत के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। चौहान जी ने कहा कि जब जनता और सरकार मिलकर चलें, तो गांवों का चेहरा बदलना कोई मुश्किल काम नहीं रह जाता। ऐसे आयोजनों से किसानों को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, बल्कि उनकी परेशानियां भी सुनने को मिलती हैं।
पूरक व्यवसायों से बढ़ेगी ग्रामीण आय
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही मंत्री जी ने किसानों को खेती के अलावा पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे अतिरिक्त काम शुरू करने की सलाह दी। उनका कहना था कि सिर्फ फसलों पर निर्भर रहना जोखिम भरा है, लेकिन इन पूरक व्यवसायों से आय का एक नया स्रोत बनेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गोरखपुर जैसे इलाकों में जहां मिट्टी उपजाऊ है, वहां ये विकल्प आसानी से अपनाए जा सकते हैं। चौहान जी ने जोर देकर कहा कि सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण और सहायता के लिए तैयार है, ताकि कोई किसान पीछे न छूटे। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुकेगा।
ये भी पढ़ें- आर्या परियोजना के तहत किसानों और युवाओं को मिला बकरी पालन का प्रशिक्षण, बढ़ेगा रोजगार का मौका
केंद्र-राज्य मिलकर किसानों की लागत घटा रहे
मंत्री जी ने चौपाल में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसानों की उत्पादन लागत को कम करने के लिए बेहतर बीजों की उपलब्धता और तकनीकी मदद पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि यंत्रों पर जीएसटी की दरें 12 और 18 फीसदी से घटाकर महज 5 फीसदी कर दी गई हैं। इससे ट्रैक्टरों और अन्य उपकरणों की कीमतों में अच्छी खासी कमी आई है। अब छोटे किसान भी आधुनिक मशीनें खरीद सकेंगे, जो पहले उनके बजट से बाहर थीं। यह कदम खेती को तेज और कम मेहनत वाला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दलहन मिशन और रबी एमएसपी में इजाफा
चौहान जी ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का भी जिक्र किया, जिसमें मसूर और चना जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस बारे में सुझाव मांगे, ताकि योजना को और मजबूत बनाया जा सके। इसके अलावा, इस साल रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की जेब में अतिरिक्त पैसे आएंगे। मंत्री जी ने फिर से अपील की कि कृषि के साथ-साथ बागवानी और पशुपालन को अपनाएं, क्योंकि इससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। गोरखपुर के इस चौपाल से साफ झलक रहा है कि सरकार किसानों की आवाज सुन रही है और व्यावहारिक कदम उठा रही है।
ग्रामीण विकास की दिशा में नया कदम
यह ग्राम चौपाल न केवल किसानों के लिए जानकारी का केंद्र बनी, बल्कि एक मंच जहां उन्होंने अपनी बात रखी। मंत्री जी ने वादा किया कि ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के किसानों के लिए यह खबर प्रेरणादायक है, क्योंकि यहां भी समान चुनौतियां हैं। कुल मिलाकर, यह आयोजन खेती को मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। अगर आप भी अपने इलाके में ऐसी योजना चाहते हैं, तो स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।
ये भी पढ़ें- UP में बनेगी ‘डिजिटल कृषि नीति’! किसानों को मिलेगा फसलों पर सीधा फायदा, CM योगी का बड़ा ऐलान