यूपी में सरकारी अनाज की चोरी अब नामुमकिन, यूपी सरकार ने उठाया सख्त कदम

उत्तर प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन एक बड़ी सहारा है। लेकिन पहले रास्ते में अनाज की चोरी, डायवर्जन और कालाबाजारी की शिकायतें आम थीं। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस समस्या की जड़ पर प्रहार किया है। प्रदेश में जनवितरण प्रणाली यानी PDS को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। इससे भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से उचित दर की दुकानों तक अनाज की हर बोरी पर नजर रखी जा रही है। सरकार का साफ संदेश है कि अब सरकारी खाद्यान्न रास्ते में गायब नहीं होगा।

प्रदेश में अनाज ढुलाई के लिए इस्तेमाल होने वाले 5000 से ज्यादा वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगा दी गई हैं। ये सिस्टम रियल टाइम में ट्रैकिंग करता है वाहन कब निकला, कहां रुका, कितने समय में दुकान तक पहुंचा, सब कुछ कंट्रोल रूम में दर्ज होता है। इससे चालक या ठेकेदार की मनमानी खत्म हो गई है। पहले जहां रास्ते में अनाज उतारकर काला बाजार में बेच दिया जाता था, अब वो संभव नहीं। कई जिलों से रिपोर्ट्स आ रही हैं कि इस सिस्टम के बाद चोरी की घटनाएं लगभग शून्य हो गई हैं।

ब्लॉक गोदामों की व्यवस्था खत्म

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है – ब्लॉक स्तर के गोदामों को पूरी तरह समाप्त कर दिया। अब सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी मॉडल लागू है। मतलब एफसीआई के मुख्य डिपो से सीधे राशन डीलर की दुकान तक अनाज पहुंचाया जा रहा है। ये काम ई-टेंडर से चुने गए ठेकेदारों से कराया जा रहा है, जिससे मानवीय दखल कम हुआ और जवाबदेही बढ़ी। जीपीएस ट्रैकिंग के साथ ये मॉडल PDS को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

खरीफ सीजन 2025-26 में धान की सरकारी खरीद के दौरान भी ये सिस्टम पूरी तरह लागू किया गया। क्रय केंद्रों से चावल मिलों तक धान ले जाने वाले 3773 वाहनों में जीपीएस लगाई गई। इसी तरह मक्का, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाजों की ढुलाई के लिए 1428 वाहनों को ट्रैकिंग से जोड़ा गया। पूरी सप्लाई चेन अब डिजिटल निगरानी में है, जिससे किसानों से खरीदा अनाज भी सुरक्षित भंडारण तक पहुंच रहा है।

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गरीबों को मिल रहा पूरा फायदा

इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के चुनिंदा लाभार्थियों को अब तक 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाज आवंटित किए जा चुके हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए अलग से 36,850 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन हुआ है। जीपीएस और डोर स्टेप डिलीवरी की वजह से ये सारा अनाज बिना कटौती, बिना चोरी के सही समय पर राशन कार्ड धारकों तक पहुंच रहा है। गरीब परिवारों को अब पूरा कोटा मिल रहा है, जो उनकी रोजी-रोटी के लिए बहुत जरूरी है।

योगी सरकार की ये पहल साबित कर रही है कि तकनीक और मजबूत इच्छाशक्ति से पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म किया जा सकता है। पहले जहां राशन माफिया सक्रिय थे, अब सिस्टम इतना सख्त है कि कोई गड़बड़ नहीं कर पाता। कई राशन डीलर और लाभार्थी बता रहे हैं कि अब अनाज की क्वालिटी भी अच्छी आ रही है और समय पर पहुंच रहा है।

आगे भी पारदर्शिता पर फोकस

सरकार का कहना है कि ये कदम सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में और तकनीक का इस्तेमाल करके PDS को और मजबूत बनाया जाएगा। किसान भाइयों और गरीब परिवारों के लिए ये बड़ी राहत है, क्योंकि सरकारी अनाज अब सच में उनके घर तक पहुंच रहा है। अगर आप भी राशन कार्ड धारक हैं तो अपनी दुकान पर नियमित जाकर पूरा कोटा लें और किसी गड़बड़ी की शिकायत तुरंत करें।

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