यूपी के इस जिले में 400 हेक्टेयर में होगी आर्गेनिक खेती, बनाए गए 20 क्लस्टर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में किसान भाई अब रासायनिक उर्वरकों की मार से तंग आ चुके हैं, जहां मिट्टी की सेहत बिगड़ रही है और फसलें कमजोर पड़ रही हैं। लेकिन अच्छी खबर ये है कि परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत रामपुर ब्लॉक को तीन साल के लिए चुना गया है, ताकि जैविक खेती को नई जान मिले। अंतिम वर्ष में रबी सीजन के लिए 20 क्लस्टर बनाकर 400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी फसलें बिना रसायनों के उगाई जाएंगी। ये कदम न सिर्फ मिट्टी को फिर से उपजाऊ बनाएगा बल्कि किसानों को स्वास्थ्यवर्धक उपज देकर बाजार में बेहतर दाम भी दिलाएगा। जिले के 475 किसानों का चयन हो चुका है, जो योजना से जुड़कर अपनी खेती को नया रूप देंगे।

रामपुर ब्लॉक में 20 क्लस्टर, 400 हेक्टेयर पर जैविक रबी फसलें

रामपुर ब्लॉक को योजना के तहत चुने जाने से किसान भाइयों में उत्साह है, क्योंकि यहां रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल मिट्टी को बीमार बना चुका था। अब 20 क्लस्टर बनाकर 400 हेक्टेयर जमीन पर जैविक तरीके से रबी फसलें बोई जाएंगी। गेहूं के अलावा चना, मटर और सरसों जैसी फसलें बिना जहर के उगेंगी, जिससे उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि ये क्लस्टर मॉडल अन्य इलाकों के लिए उदाहरण बनेंगे, जहां छोटे किसान भी जैविक खेती अपना सकेंगे।

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475 किसानों को जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण

योजना के तहत चुने गए 475 किसानों को जीवामृत और बीजामृत जैसी जैविक खाद बनाने का पूरा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये खादें मिट्टी को प्राकृतिक रूप से पोषण देंगी, और फसलें मजबूत बढ़ेंगी। प्रशिक्षण के साथ ही भ्रमण कार्यक्रम भी चलेंगे, जहां किसान अन्य जगहों की जैविक खेती देख सकेंगे और नई तकनीकें सीख सकेंगे। उपकरणों के लिए सरकारी धनराशि भी उपलब्ध होगी, ताकि किसान भाई बिना ज्यादा खर्च के शुरू कर सकें। ये सब मिलकर खेती को आसान और फायदेमंद बनाएंगे।

रासायनिक खादों से मिट्टी की बीमारी दूर

रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता घट रही थी, जिससे फसलें कम हो रही थीं और बाजार में उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। लेकिन जैविक खेती से ये सब ठीक हो जाएगा—मिट्टी फिर से जीवंत बनेगी, उत्पादन स्थिर रहेगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध अनाज मिलेगा। उप निदेशक कृषि जय प्रकाश ने कहा कि किसानों का चयन पूरा हो चुका है, और क्लस्टर बनाकर सब तैयारियां हो गई हैं। उप कृषि निदेशक जय प्रकाश पांडेय ने भी पुष्टि की कि जैविक खेती की सभी व्यवस्था पूरी हो चुकी है।

जैविक खेती से बदलें अपनी खेती की दिशा

जौनपुर जैसे इलाकों में ये योजना किसानों को नई राह दिखा रही है, जहां जैविक तरीके से खेती करके मुनाफा बढ़ाया जा सकता है। अगर आप भी रामपुर ब्लॉक के किसान हैं तो लोकल कृषि केंद्र से संपर्क करें और योजना का लाभ लें।

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