उत्तर प्रदेश के किसान भाइयों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान की सरकारी खरीद आज यानी 1 नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुरू हो रही है। ये प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। पश्चिमी इलाकों में तो 1 अक्टूबर से ही काम चल रहा है, और अब पूर्वी हिस्से में भी किसानों को एमएसपी पर अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा।
राज्य सरकार ने इस बार 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जिसकी कीमत करीब 14,000 करोड़ रुपये होगी। अब तक 2.17 लाख से ज्यादा किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, और पश्चिमी यूपी में ही 17,000 से ज्यादा किसानों ने 1.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान बेच दिया है।
MSP में इजाफा
इस सीजन में केंद्र सरकार ने धान की एमएसपी बढ़ा दी है। सामान्य धान के लिए प्रति क्विंटल 2,369 रुपये तय किए गए हैं, जबकि ग्रेड ए धान का दाम 2,389 रुपये प्रति क्विंटल होगा। ये वृद्धि पिछले साल के मुकाबले 69 रुपये ज्यादा है। खरीद केंद्रों पर धान की गुणवत्ता चेक होगी नमी 17 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, वरना खारिज हो सकता है। लेकिन सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि गंदा या हल्का गीला धान भी लौटाया नहीं जाएगा, बस सही तरीके से साफ करके स्वीकार किया जाएगा। इससे छोटे किसानों को ज्यादा फायदा होगा, जो अक्सर फसल की छोटी-मोटी खामियों से परेशान रहते हैं।
कहां-कहां चलेगी खरीद प्रक्रिया
पूर्वी यूपी के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडलों में आज से खरीद शुरू हो जाएगी। लखनऊ मंडल के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिले भी इसमें शामिल हैं। पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी मंडलों में तो पहले से ही काम चल रहा है। हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जैसे जिलों में भी 1 अक्टूबर से खरीद हो रही है। पूरे राज्य में 3,920 खरीद केंद्र खोले गए हैं, ताकि किसान भाई दूर न जाना पड़े। लक्ष्य 70 लाख मीट्रिक टन का है, लेकिन शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि ये आसानी से पूरा हो जाएगा।
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रजिस्ट्रेशन का सफर
धान बेचने के लिए पंजीकरण 1 सितंबर से ही शुरू हो गया था। 31 अक्टूबर सुबह 11 बजे तक 2,17,625 किसान रजिस्टर हो चुके हैं। अक्टूबर के आखिर तक पश्चिमी इलाकों में 35,630 मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है। ये आंकड़े खाद्य एवं रसद विभाग के हैं, जो बताते हैं कि डिजिटल सिस्टम ने काम आसान कर दिया है। पहले लंबी कतारों की समस्या थी, लेकिन अब ओटीपी बेस्ड सिंगल रजिस्ट्रेशन से घर बैठे काम हो जाता है।
कैसे करें पंजीकरण
किसान भाई, सबसे पहले खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in पर जाएं या यूपी किसान मित्र मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। वहां आधार नंबर डालकर ओटीपी वेरिफाई करें। रजिस्ट्रेशन के बाद नजदीकी खरीद केंद्र चुनें। केवल रजिस्टर किसानों से ही खरीद होगी। केंद्र पर धान लाने के बाद वजन, गुणवत्ता चेक और सैंपल टेस्ट होगा। भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आधार लिंक्ड बैंक खाते में 48 घंटे के अंदर आ जाएगा। अगर कोई दिक्कत हो, तो टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 पर कॉल करें। जनसेवा केंद्रों पर भी मदद मिलेगी।
भुगतान की गारंटी
सरकार ने साफ कहा है कि बिक्री के 48 घंटे के भीतर पैसे खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे। ये पारदर्शिता छोटे किसानों के लिए बड़ी राहत है। पिछले साल भी यही सिस्टम चला था, और 11,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान समय पर हुआ। इस बार भी एफसीआई के साथ मिलकर काम होगा, ताकि कोई देरी न हो। अगर खरीद केंद्र पर कोई समस्या हो, तो लोकल अफसरों से शिकायत करें विभाग ने हेल्पलाइन मजबूत की है।