UP Paddy Procurement: उत्तर प्रदेश के किसान भाइयों के लिए बड़ी खुशखबरी है। यूपी सरकार ने धान खरीद के मामले में कमाल कर दिया है। 2025-26 के रबी सीजन में अब तक 4 लाख से ज्यादा किसानों से करीब 25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है। यह एक नया रिकॉर्ड है जो किसानों की मेहनत और सरकार की पारदर्शी नीतियों का नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खरीद की प्रक्रिया और तेज की जाए, ताकि कोई भी योग्य किसान एमएसपी के फायदे से वंचित न रहे। खरीद पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से और पूर्वी यूपी में 1 नवंबर से शुरू हुई थी, और अब दिसंबर के मध्य तक यह आंकड़ा इतना ऊंचा पहुंच गया है।
प्रदेश में धान बेचने के लिए कुल 8 लाख 67 हजार 232 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 18 दिसंबर तक 4 लाख 8 हजार 740 किसानों का धान खरीदा जा चुका है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 4743 खरीद केंद्र खोले हैं, जहां तौल, जांच और भुगतान सब कुछ पारदर्शी तरीके से होता है। कोई लंबी कतारें नहीं, कोई बिचौलिये नहीं सीधे किसान का धान लिया जाता है और पैसे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं।
खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू चल रही है
योगी सरकार का फोकस किसानों की समृद्धि पर है। सीएम के निर्देश हैं कि केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा न हो। तौल में कोई धांधली नहीं, और भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से होता है, जो 48 घंटे के अंदर पूरा हो जाता है। इससे बिचौलियों की दखलंदाजी खत्म हुई है और किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है। पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ संभाग के कुछ इलाकों में खरीद पहले शुरू हुई, जबकि पूर्वी जिलों जैसे अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी और उन्नाव, रायबरेली में नवंबर से काम चालू है।
यह खरीद अभियान किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए चलाया जा रहा है। पिछले सालों की तुलना में रजिस्ट्रेशन और खरीद दोनों में बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, पिछले सीजन में इसी समय तक रजिस्ट्रेशन कम थे, लेकिन इस बार किसानों का भरोसा बढ़ा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी रजिस्टर्ड किसानों का धान लिया जाए और उन्हें एमएसपी का पूरा लाभ मिले।
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किसानों को क्या फायदा मिल रहा है
धान की यह खरीद ग्रामीण अर्थव्यवस्था में करोड़ों रुपये का निवेश कर रही है। किसानों को सीधे उनके खातों में पैसे मिलने से वे अगली फसल के लिए निवेश कर पा रहे हैं। केंद्रों पर धान की गुणवत्ता जांच के बाद ही खरीद होती है, और अगर नमी 17 प्रतिशत से कम हो तो आसानी से स्वीकार किया जाता है। किसान भाइयों को सलाह है कि धान अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके लाएं। केंद्र सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं।
पश्चिमी यूपी में खरीद जनवरी अंत तक और पूर्वी में फरवरी अंत तक चलेगी। अगर कोई समस्या हो तो टोल फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क करें या जिला खाद्य विपणन अधिकारी से बात करें। रजिस्ट्रेशन www.fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र पोर्टल पर किया जाता है।
योगी सरकार की यह पहल न सिर्फ किसानों को एमएसपी का लाभ दे रही है बल्कि प्रदेश को अनाज उत्पादन में मजबूत बना रही है। पिछले साल 22.65 लाख टन से इस बार 23.88 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाती है। किसान भाइयों, अगर आपने रजिस्ट्रेशन कराया है तो जल्दी केंद्र पर पहुंचें।