गेहूं किसानों की बढ़ी चिंता! प्रमुख उत्पादक राज्यों में MSP से नीचे पहुंचा भाव, देखें बाकी राज्यों का हाल

Wheat Price: देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में मंडी भाव MSP से नीचे आ गए हैं। केंद्र सरकार ने रबी 2026-27 के लिए गेहूं का MSP 2450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन वर्तमान में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में औसत भाव 2275 से 2420 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं। कई जगहों पर भाव MSP से 100 से 200 रुपये तक कम हैं। किसान भाई परेशान हैं क्योंकि लागत बढ़ गई है लेकिन दाम नहीं मिल रहे।

पंजाब में गेहूं का औसत भाव 2350-2400 रुपये प्रति क्विंटल है, जो MSP से 50-100 रुपये कम है। हरियाणा में भाव 2320-2380 रुपये के बीच चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज मंडियों में भाव 2275-2350 रुपये तक गिर गए हैं। मध्य प्रदेश में इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख बाजारों में भाव 2300-2420 रुपये के आसपास हैं। राजस्थान और बिहार में भी यही हाल है भाव MSP के आसपास या थोड़े नीचे हैं।

किसान संगठनों का कहना है कि MSP सिर्फ कागजी घोषणा बनकर रह गया है। सरकारी खरीद कम होने से व्यापारी भाव दबा रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि लागत 2200-2300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है लेकिन दाम MSP से नीचे मिल रहे हैं। इससे कर्ज बढ़ रहा है और खेती में रुचि कम हो रही है।

अन्य राज्यों में गेहूं के ताजा भाव

राजस्थान में जोधपुर और कोटा मंडियों में भाव 2280-2350 रुपये प्रति क्विंटल हैं। बिहार में पटना और मुजफ्फरपुर में 2300-2400 रुपये के बीच चल रहे हैं। गुजरात में भाव थोड़े बेहतर हैं 2400-2450 रुपये तक पहुंच रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर ज्यादातर उत्पादक राज्यों में भाव MSP से नीचे या बराबर हैं।

वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि भाव गिरने की मुख्य वजह सरकारी खरीद में कमी और बाजार में स्टॉक ज्यादा होना है। पिछले साल की तुलना में इस बार उत्पादन अच्छा है लेकिन मांग कम होने से दाम दबे हैं।

किसानों की मांग

किसान संगठन सरकार से MSP पर पूरी खरीद करने और भावांतर योजना को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। कई जगहों पर किसान प्रदर्शन भी कर रहे हैं। सरकार ने कहा है कि खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन किसान भाई चाहते हैं कि MSP को कानूनी गारंटी मिले ताकि व्यापारी भाव न दबा सकें।

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  • Shashikant

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