गेहूं की VL-967 किस्म से भरपूर प्रोटीन वाली फसल, चपाती बनेगी स्वादिष्ट और पौष्टिक

किसान भाइयों, रबी का मौसम आते ही खेतों में गेहूं की बुआई की तैयारी जोरों पर है, और अच्छी किस्म का बीज मिलना तो जैसे सोने पर सुहागा। राष्ट्रीय बीज निगम यानी NSC ने एक ऐसी ही नई उम्मीद दी है – VL-967 गेहूं की किस्म, जो प्रोटीन से भरपूर है और चपाती बनाने के लिए बिलकुल सही। ये किस्म न सिर्फ पैदावार बढ़ाती है, बल्कि बाजार में भी अच्छा दाम दिलाती है। आजकल जब पोषण वाली फसल की डिमांड बढ़ रही है, तो ये आपके खेत के लिए परफेक्ट चॉइस साबित हो सकती है।

VL-967: प्रोटीन की खान, जो खेती को बनाएगी ज्यादा लाभदायक

गेहूं तो हमारी थाली का आधार है, लेकिन VL-967 जैसी किस्म चुनने से ये और भी खास हो जाता है। NSC के वैज्ञानिकों ने इसे विकसित किया है, जिसमें प्रोटीन की मात्रा सामान्य से कहीं ज्यादा है। इससे बनी चपाती नरम, स्वादिष्ट और सेहतमंद बनेगी, जो परिवार के हर सदस्य के लिए फायदेमंद। खेतों में ये किस्म अच्छी तरह फैलती है, रोगों से लड़ती है और कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है। उत्तर भारत के किसान, जहां मिट्टी उपजाऊ है, वो इसे खास तौर पर पसंद करेंगे। NSC ने इसे ट्रुथफुली लेबल्ड यानी शुद्ध बीज के रूप में लॉन्च किया है, ताकि कोई मिलावट न हो और आपकी मेहनत पर पानी न फेरा।

सर्दियों की फसल में गेहूं की बुआई का सही समय चल रहा है, और VL-967 से आप 50-60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज ले सकते हैं। बाजार में प्रोटीन वाली किस्मों को 10-15 प्रतिशत ज्यादा दाम मिलते हैं, खासकर जब मिलें और उपभोक्ता पोषण पर जोर दे रहे हों। NSC का ये प्रयास छोटे किसानों को भी मजबूत बनाता है, क्योंकि बीज की क्वालिटी पर कोई समझौता नहीं। अगर आप जैविक खेती की तरफ झुक रहे हैं, तो ये किस्म उसके साथ भी अच्छी तरह चलती है। कुल मिलाकर, ये न सिर्फ फसल बढ़ाएगी, बल्कि आपकी आय को भी स्थिर रखेगी।

ये भी पढ़ें- रबी सीजन में करें “VL Sabji Matar 13” की खेती, मिलेगी 11.5 टन/हेक्टेयर की जबरदस्त उपज

बीज कैसे खरीदें? ऑनलाइन ऑर्डर से घर तक डिलीवरी

अब सबसे जरूरी बात – ये बीज कहां से लें। NSC ने इसे आसान बना दिया है। आप 40 किलो का पैक मात्र 2,527 रुपये में ऑर्डर कर सकते हैं। वेबसाइट www.mystore.in पर जाकर प्रोडक्ट सर्च करें – NSC Wheat Variety VL-967 Truly Labelled (TL) 40 kg Bag। वहां QR कोड स्कैन करके भी खरीद सकते हैं, और ONDC नेटवर्क से डिलीवरी घर पर पहुंच जाएगी।

ये ऑनलाइन तरीका उन किसानों के लिए वरदान है, जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं। NSC के हेमपुर सेंटर से ये बीज निकलते हैं, और क्वालिटी चेक के बाद पैक होते हैं। अगर बल्क में चाहिए, तो लोकल डीलर से भी संपर्क करें, लेकिन ऑनलाइन से कीमत फिक्स्ड रहती है। बस, ऑर्डर करने से पहले अपने खेत की मिट्टी टेस्ट कर लें, ताकि बुआई सही हो।

क्यों चुनें VL-967?

रबी सीजन में ठंड और ओले जैसी समस्याएं तो आती ही हैं, लेकिन VL-967 मजबूत डंठल वाली है, जो हवा और बारिश झेल लेती है। प्रोटीन कंटेंट ज्यादा होने से ये किस्म मिलों में प्राथमिकता पाती है, और किसान भाइयों को MSP से ऊपर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। NSC जैसी सरकारी कंपनी से बीज लेने का फायदा ये कि सब कुछ ट्रांसपेरेंट रहता है कोई नकली बीज का डर नहीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में ये तो जैसे बनी-बनाई है। कई किसान पहले ही इसे ट्राई कर चुके हैं, और फीडबैक मिल रहा है कि चपाती की क्वालिटी घरेलू स्तर पर भी सुधर गई।

साथ ही, ये किस्म पर्यावरण के अनुकूल है कम उर्वरक लगते हैं और मिट्टी की सेहत बनी रहती है। अगर आप फसल विविधीकरण की सोच रहे हैं, तो गेहूं के साथ दालें मिलाकर उगाएं, तो मुनाफा और बढ़ेगा। कुल बात ये कि VL-967 न सिर्फ आज की जरूरत पूरी करती है, बल्कि आने वाले सीजन को भी मजबूत बनाती है।

ये भी पढ़ें- DBW 370 करण वैदेही गेहूं किस्म, 86 क्विंटल तक रिकॉर्ड पैदावार देने वाली रोग प्रतिरोधक किस्म, जानें डिटेल

Leave a Comment