देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं। एक ऐसी ही योजना में किसानों को उड़द और मूंग के बीज मुफ्त में दिए जा रहे हैं। ये योजना खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए है जो दलहन की खेती करना चाहते हैं लेकिन बीज की महंगाई से परेशान हैं। सरकार का मकसद है कि दालों का उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता कम हो।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को उड़द और मूंग की उन्नत वैरायटी के बीज मुफ्त दिए जाते हैं। साथ में कुछ राज्यों में खाद, कीटनाशक और तकनीकी सलाह भी मुफ्त या सब्सिडी पर मिलती है। कई किसान भाई पहले से ही इस योजना से जुड़कर अच्छी पैदावार ले रहे हैं और बाजार में दालों के अच्छे दाम पा रहे हैं।
योजना के मुख्य लाभ और पात्रता
योजना में किसानों को 5 से 10 किलोग्राम तक उड़द या मूंग के बीज मुफ्त मिलते हैं। ये बीज प्रमाणित और उन्नत वैरायटी के होते हैं, जैसे पूसा 31, पूसा 9702 या अन्य हाई यील्डिंग किस्में। बीज के साथ पैकेट में इस्तेमाल का तरीका और देखभाल की जानकारी भी दी जाती है। कई जगहों पर बीज के साथ जैविक खाद या जैव उर्वरक भी मुफ्त मिलते हैं।
पात्रता के लिए किसान के पास कृषि भूमि का रिकॉर्ड होना चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता मिलती है। SC/ST, महिला किसान और पिछड़े वर्ग के किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। योजना में शामिल होने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि दस्तावेज होने चाहिए।
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आवेदन कैसे करें
आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है। ज्यादातर राज्यों में ये ऑनलाइन उपलब्ध है। किसान dbtagriculture.up.gov.in या राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म में अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, भूमि का विवरण और फसल का नाम भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट कर दें। आवेदन मिलने के बाद जांच होती है और पात्र किसानों को बीज वितरण केंद्र पर मिल जाते हैं।
अगर इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो नजदीकी ब्लॉक या तहसील कार्यालय में जाकर फॉर्म भर सकते हैं। कृषि अधिकारी या पटवारी मदद करते हैं। कई जगहों पर ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगते हैं जहां सीधे आवेदन और बीज वितरण होता है।
किसानों के लिए खास टिप्स
उड़द और मूंग की खेती में बीज की गुणवत्ता बहुत मायने रखती है। मुफ्त बीज मिलने पर उन्हें अच्छे से उपचारित करें। नीम तेल या ट्राइकोडर्मा से बीज उपचार करें ताकि रोग न लगें। बुवाई के लिए 30-45 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर काफी है। खेत में अच्छी जुताई और गोबर खाद मिलाएं। सिंचाई का ध्यान रखें और फूल आने पर हल्का पानी दें।
किसान भाइयों, ये योजना आपकी खेती को मजबूत बनाने के लिए है। अगर आपके इलाके में ये योजना चल रही है तो तुरंत आवेदन करें। नजदीकी कृषि केंद्र या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें। मुफ्त बीज से अच्छी पैदावार लें और दालों की अच्छी कमाई करें।
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