यूपी में अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट! ओलावृष्टि की भी चेतावनी, जानें 27 जनवरी का मौसम

Updated: 27 Jan 2026, 08:37 AM

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में 27 जनवरी से मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम केंद्र के अनुसार एक तेज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके असर से 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। कई जगहों पर यह बारिश हल्की नहीं बल्कि मध्यम से तेज हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों के लिए ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की भी चेतावनी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने का अनुमान है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है।

लखनऊ समेत आसपास के जिलों में भी असर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मेरठ और आसपास के पश्चिमी जिलों से लेकर अयोध्या और सुल्तानपुर की दिशा तक अगले दो दिनों में बारिश का दायरा फैल सकता है। लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी शाम तक मौसम बदलने के संकेत हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इस सिस्टम का असर दिखेगा और कई जगह झमाझम बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

कई जिलों में बारिश का अनुमान

राजधानी लखनऊ के साथ अयोध्या, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बागपत और शामली जैसे जिलों में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 29 से 31 जनवरी के बीच फिर से रात के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और कोहरा दोनों बढ़ सकते हैं।

ठंड का असर और बढ़ेगा

प्रदेश में पहले से ही सर्दी का असर बना हुआ है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। आगरा और बरेली में भी तापमान बहुत नीचे रहा, जबकि लखनऊ समेत कई शहरों में रात का पारा दस डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण गलन बनी हुई है।

मौसम के इस बदलाव का सीधा असर खेती पर भी पड़ सकता है। बारिश जहां कुछ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं तेज हवा और ओले नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में किसानों को मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत है ताकि समय रहते फसल की सुरक्षा के उपाय किए जा सकें।

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  • Shashikant

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