आलू के बाद ये एक फसल लगा ली तो समझें खेल पलट गया! 90 दिन में मोटी कमाई का राज

आलू की खुदाई के बाद खेत खाली हो जाते हैं और किसान भाई अक्सर सोचते हैं कि अगली फसल क्या लगाएं जो जल्दी तैयार हो, कम पानी में चल जाए और अच्छी कमाई दे। ऐसे में सूरजमुखी (Sunflower) की खेती एक बहुत अच्छा और लाभदायक विकल्प है। आलू की फसल के बाद मार्च-अप्रैल में सूरजमुखी की बुवाई करके किसान भाई अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। खास तौर पर NSC की हाइब्रिड वैरायटी Tilhan Tech-SUNH-1 के उत्तम बीज से बेहतरीन क्वालिटी और भरपूर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। ये वैरायटी कम समय में तैयार होती है, तेल की मात्रा ज्यादा देती है और बाजार में अच्छा दाम मिलता है।

Tilhan Tech-SUNH-1 सूरजमुखी वैरायटी की मुख्य विशेषताएं

यह एक हाइब्रिड वैरायटी है, जो NSC द्वारा प्रमाणित रूप से उपलब्ध है। ये वैरायटी अगेती (early maturing) है और बुवाई के 85 से 95 दिन में तैयार हो जाती है। फूल बड़ा, चमकदार और डिस्क फॉर्म का होता है। दाने काले रंग के, मध्यम आकार के और तेल की मात्रा 40-42 प्रतिशत तक रहती है। ये वैरायटी सूखा सहन करने वाली है और रेनफेड तथा सिंचित दोनों स्थितियों में अच्छी पैदावार देती है।

कई किसान भाई बताते हैं कि इस वैरायटी से प्रति हेक्टेयर 18 से 22 क्विंटल तक दाना मिल जाता है। अगर अच्छी देखभाल की जाए तो 25 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। ये वैरायटी अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट और रस्ट जैसे रोगों के प्रति मध्यम प्रतिरोधक क्षमता रखती है, जिससे स्प्रे का खर्च कम होता है। दाने की क्वालिटी अच्छी होने से तेल निकालने वाली मिलों में अच्छा दाम मिलता है।

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आलू की खुदाई के बाद सूरजमुखी की बुवाई क्यों फायदेमंद

उत्तर प्रदेश में आलू की फसल की खुदाई फरवरी-मार्च में पूरी हो जाती है। उसके बाद खेत में मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में सूरजमुखी की बुवाई की जा सकती है। Tilhan Tech-SUNH-1 जैसी अगेती वैरायटी 85-95 दिन में तैयार हो जाती है, यानी जून-जुलाई तक फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इस समय खेत में गर्मी बढ़ती है, लेकिन सूरजमुखी गर्मी सहन कर लेती है और कम पानी में चलती है। आलू के बाद खेत में बची नाइट्रोजन और जैविक पदार्थ सूरजमुखी को अच्छा पोषण देते हैं, जिससे पैदावार बढ़ जाती है।

ये बुवाई रबी के बाद जायद सीजन में अतिरिक्त फसल के रूप में की जाती है। इससे खेत साल भर उत्पादक रहता है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और किसान की आय में 25-40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का इजाफा हो सकता है। सूरजमुखी की फसल मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स नहीं करती, लेकिन गहरी जड़ें होने से मिट्टी की संरचना सुधारती है और अगली फसल (जैसे धान या बाजरा) के लिए फायदेमंद साबित होती है।

बड़े पैमाने पर खेती के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

आलू की खुदाई के बाद खेत को साफ करें और हल्की जुताई करें। मिट्टी में 8-10 टन गोबर खाद या कम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर डालें। उड़द की तरह सूरजमुखी भी कम उपजाऊ मिट्टी में चलती है, लेकिन अच्छी तैयारी से पैदावार ज्यादा मिलती है।

बीज की मात्रा प्रति हेक्टेयर 8-10 किलो काफी होती है। NSC से प्रमाणित Tilhan Tech-SUNH-1 बीज लें, ताकि अंकुरण दर अच्छी रहे। बीज को थिरम या कैप्टान (2 ग्राम प्रति किलो) से उपचारित करें। बुवाई के लिए पंक्ति से पंक्ति 45-60 सेमी और पौधे से पौधे 20-30 सेमी दूरी रखें। बुवाई मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में करें।

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सिंचाई हल्की रखें। पहली सिंचाई बुवाई के 20-25 दिन बाद। फूल आने पर पानी थोड़ा बढ़ाएं, लेकिन ज्यादा न होने दें। खाद के लिए बेसल में 60-80 किलो नाइट्रोजन, 40-50 किलो फॉस्फोरस और 40 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर डालें। टॉप ड्रेसिंग में बाकी नाइट्रोजन दें। फूल आने पर पोटाश ज्यादा दें ताकि दाने मोटे और ज्यादा तेल वाले हों।

कीट-रोग प्रबंधन के लिए हेड बोरर और एफिड्स से बचाव के लिए नीम आधारित स्प्रे या जैविक दवाएं इस्तेमाल करें। तुड़ाई जब फूल के सिरे सूख जाएं और दाने काले हो जाएं, तब करें। ज्यादा देर छोड़ने से दाने गिर सकते हैं। अच्छी पैदावार से 18-22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मिल सकती है। बाजार में भाव 50-80 रुपये किलो तक रहता है, तो अच्छा मुनाफा होता है।

NSC से प्रमाणित बीज कैसे प्राप्त करें

NSC सरकारी कंपनी है, इसलिए बीज प्रमाणित, उच्च अंकुरण दर वाले और भरोसेमंद मिलते हैं। Tilhan Tech-SUNH-1 सूरजमुखी के 100 ग्राम पैकेट मात्र 55 रुपये में उपलब्ध है। बड़े पैमाने पर खेती के लिए 5 किलो या ज्यादा मात्रा में ऑर्डर कर सकते हैं। ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए लिंक: https://mystore.in/en/product/nsc-hyb-sunflower-tilhan-tech-sunh-1-tl-1kg-

किसान भाइयो, आलू की खुदाई के बाद खाली खेत में इस सूरजमुखी की बुवाई करके अतिरिक्त आय कमाएं। ये वैरायटी उत्तम क्वालिटी देती है, भरपूर उत्पादन देती है और कम खर्च में ज्यादा कमाई कराती है।

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