उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने साफ किया कि प्रदेश में उर्वरक और बीज की कोई कमी नहीं है। तिलहन और दलहन की खेती बढ़ाने के लिए निशुल्क बीज मिनीकिट उपलब्ध कराई गई हैं। ये मिनीकिट सरसों, मटर और चना जैसे फसलों के बीजों की हैं, जो सरकारी कृषि बीज भंडारों पर रखी गई हैं। किसान पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद इन्हें प्राप्त कर सकते हैं। ये बातें बुधवार को चौकाघाट स्थित गिरीजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित संयुक्त मंडलीय कृषि गोष्ठी में कही गईं।
उर्वरक-बीज की उपलब्धता और मिनीकिट वितरण की प्रक्रिया
मंत्री ने बताया कि तिलहन व दलहन की खेती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से निशुल्क बीज मिनीकिट समस्त राजकीय कृषि बीज भंडारों पर उपलब्ध हैं। किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के बाद ये मिनीकिट वितरित की जा रही हैं। इससे रबी सीजन में किसान आसानी से बीज प्राप्त कर सकेंगे। गोष्ठी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने प्रगतिशील किसानों को खेती से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। मंडलायुक्त वाराणसी एस राजलिंगम और विंध्याचल के राजेश प्रकाश सहित डॉ. मनीष, डॉ. प्रतीक्षा तथा डॉ. चंदन भी मौजूद रहे।
रबी फसल के लिए जीरो टिल बोआई की सलाह
कृषि मंत्री ने रबी सीजन के लिए विशेष सलाह दी कि गेहूं की सीधी बोआई जीरो टिल-सीड ड्रिल विधि से करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और खर्च भी कम होगा। गोष्ठी में किसानों को इन तकनीकों के फायदे समझाए गए। साथ ही, उर्वरक और बीज की पर्याप्त उपलब्धता पर जोर दिया गया, ताकि बुआई में कोई रुकावट न आए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसानों को मुआवजा वितरण
गोष्ठी के दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि का वितरण भी किया। खरीफ-2025 में चिरईगांव ब्लॉक के अंबा गांव के किसान महेंद्र प्रताप सिंह को 58,457 रुपये, जाल्हूपुर गांव के लालजी यादव को 63,000 रुपये दिए गए। इसी तरह रबी वर्ष 2024-25 में अराजीलाइन ब्लॉक के जयापुर गांव के किसान अनिल कुमार सिंह को 92,000 रुपये की गेहूं क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। इससे प्रभावित किसानों को राहत मिली।
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