राजस्थान में किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राज्यभर में ग्राम उत्थान शिविर शुरू करने की घोषणा की, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 1 करोड़ से ज्यादा किसानों, महिलाओं और मजदूरों के खातों में ₹1,590 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का फायदा तेजी से मिलेगा और लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने सिरोही में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उन्हें मजबूत करना गांव, राज्य और देश की प्रगति के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी से हर गिरदावर सर्किल में ग्राम उत्थान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में कृषि, पशुपालन, सिंचाई, सोलर पंप और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के तहत मौके पर ही सेवाएं और मंजूरी दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि किसान और ग्रामीण परिवार अपनी समस्या और आवेदन सीधे शिविर में ही निपटा सकें।
65 लाख किसानों को CM किसान सम्मान निधि की 5वीं किस्त
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 65 लाख से ज्यादा किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की 5वीं किस्त ट्रांसफर की। अधिकारियों के मुताबिक यह राशि ₹653 करोड़ से अधिक रही। रबी सीजन के समय यह रकम किसानों के लिए काफी मददगार मानी जा रही है, क्योंकि इस दौरान सिंचाई, खाद और मजदूरी का खर्च बढ़ता है।
सरकार ने यह भी बताया कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए करीब 5 लाख किसानों को ₹327 करोड़ से अधिक का मुआवजा DBT के जरिए भेजा गया है। इसके अलावा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए 10,000 से ज्यादा किसानों को ₹240 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।
गैस सब्सिडी और पशुपालकों को भी फायदा
किसानों के साथ-साथ सरकार ने कई अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता दी। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत करीब 4 लाख पशुपालकों को लगभग ₹50 करोड़ दिए गए। वहीं 30 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को खाना पकाने की गैस सब्सिडी के रूप में ₹75 करोड़ से अधिक ट्रांसफर किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20,000 लाभार्थियों को ₹100 करोड़ जारी किए गए और करीब 1 लाख निर्माण श्रमिकों को भी ₹100 करोड़ दिए गए। सरकार ने किसानों के लिए ₹40 करोड़ के कृषि उपकरण वितरण की जानकारी भी दी।
₹50,000 करोड़ ब्याज-मुक्त फसल लोन का दावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 2 सालों में ₹50,000 करोड़ के ब्याज-मुक्त फसल ऋण दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में PM-Kisan योजना के तहत मिलने वाली सहायता में राज्य सरकार ने अपने हिस्से से ₹3,000 जोड़कर इसे सालाना ₹9,000 कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण विकास की गति तेज करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
राज्य सरकार के मुताबिक ग्राम उत्थान शिविरों से किसानों को योजनाओं से जुड़ी मदद जल्दी मिलेगी और आवेदन प्रक्रिया आसान होगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में लगने वाले शिविर की जानकारी लेकर जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचे, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ तुरंत मिल सके।
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