उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान पंजीकरण को लेकर बड़ा अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार की तरफ से प्रदेश में कुल 2,88,70,495 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य तय किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 60% से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। यानी 1,75,30,760 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। सरकार का साफ संदेश है कि आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हर किसान के पास Farmer ID होना जरूरी होगा, इसलिए इस काम में तेजी लाई जा रही है।
इस अभियान में जिलों के प्रदर्शन पर भी नजर रखी जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक बस्ती जिला फार्मर रजिस्ट्री में सबसे आगे चल रहा है, जहां 81.49% पंजीकरण पूरा हो चुका है। इसके बाद गाजियाबाद (80.34%), रामपुर (80.32%), सीतापुर (79.73%), फिरोजाबाद (79.59%), प्रतापगढ़ (75.65%), बिजनौर (74.98%), जौनपुर (72.84%), पीलीभीत (72.04%) और औरैया (71.45%) टॉप जिलों में शामिल हैं। सरकार के स्तर पर यह कोशिश है कि बाकी जिलों में भी रफ्तार तेज हो और पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री का काम बराबरी से आगे बढ़े।
90 दिनों में 100% फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य तय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब प्रदेशभर में 90 दिनों के भीतर 100% फार्मर रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि फार्मर आईडी बनवाना सिर्फ एक दस्तावेजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का सबसे जरूरी आधार बनने जा रहा है। इसी वजह से सरकार ने विशेष रूप से यह निर्देश भी दिया है कि PM Kisan योजना के 100% लाभार्थियों की Farmer ID 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से बनवाई जाए।
यह निर्देश किसानों के लिए अहम है, क्योंकि आने वाले समय में कई योजनाओं का लाभ Farmer ID से लिंक होकर ही मिल सकता है। अगर Farmer ID नहीं बनी तो किसान को योजना का पैसा समय पर मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए किसान भाइयों को सलाह है कि वे इस प्रक्रिया को हल्के में न लें और जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कराएं।
जिलाधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फार्मर आईडी बनाने का काम और सघनता से किया जाए। आदेश में कहा गया है कि जिलों में इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाए और कार्ययोजना बनाकर प्रगति सुनिश्चित की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हर किसान का पंजीकरण जरूरी है और फार्मर आईडी होना अनिवार्य होगा।
इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज हो सकता है। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें गांव स्तर पर कैंप, जनसेवा केंद्र, कृषि विभाग या संबंधित कार्यालयों के माध्यम से इसे जल्द पूरा करना चाहिए।
PM Kisan सत्यापन अभियान में भी बड़ी सफलता
इसी के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान को भी बड़ी सफलता मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब तक 2,48,30,499 PM Kisan लाभार्थियों का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन का मकसद यह है कि पात्र किसानों को समय पर लाभ मिलता रहे और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जा सके।
प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के दौरान कई जिलों में जिला स्तरीय वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी दिए गए हैं, जिनमें अम्बेडकर नगर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, बागपत, महराजगंज, मिर्जापुर, हरदोई, अयोध्या, बलिया, भदोही और सिद्धार्थनगर जैसे जिले शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस सत्यापन से योजना ज्यादा पारदर्शी बनेगी और लाभ सही किसान तक पहुंचेगा।
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